कोलकाता: पश्चिम बंगाल के जामुड़िया स्थित चपुई खास कोलियरी क्षेत्र में ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (ECL) ने कथित अतिक्रमण के खिलाफ सख्त कदम उठाते हुए तृणमूल कांग्रेस नेता एवं रानीगंज पंचायत समिति के पूर्व सभापति विनोद नोनिया के कार्यालय भवन को ध्वस्त कर दिया। भारी सुरक्षा व्यवस्था के बीच बुलडोजर से पूरी इमारत गिरा दी गई, जिसके बाद इलाके में राजनीतिक और सामाजिक चर्चाएं तेज हो गई हैं।
ECL का दावा—कंपनी की जमीन पर था निर्माण
ECL अधिकारियों का कहना है कि जिस स्थान पर कार्यालय बनाया गया था, वह कंपनी की भूमि है और उस पर अवैध निर्माण किया गया था। इसी आधार पर अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की गई। प्रशासन की मौजूदगी में पूरी प्रक्रिया शांतिपूर्वक संपन्न कराई गई।
कार्यालय पहले भी रहा था विवादों में
स्थानीय लोगों के अनुसार, यह कार्यालय पिछले कुछ समय से विवादों का केंद्र बना हुआ था। हाल के दिनों में यहां विरोध प्रदर्शन और तोड़फोड़ की घटनाएं भी सामने आई थीं। उस दौरान परिसर से कुछ दस्तावेज और मतदाता पहचान पत्रों की प्रतियां मिलने की चर्चाएं भी हुई थीं, हालांकि इन दावों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
कार्रवाई के समय विनोद नोनिया नहीं आए सामने
बुलडोजर कार्रवाई के बाद विनोद नोनिया सार्वजनिक रूप से नजर नहीं आए हैं। मामले पर उनकी ओर से अब तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया भी सामने नहीं आई है। वहीं, उनके समर्थकों ने भी इस कार्रवाई पर फिलहाल चुप्पी बनाए रखी है।
स्थानीय लोगों ने उठाए कई सवाल
इस कार्रवाई के बाद इलाके में यह बहस तेज हो गई है कि यदि निर्माण वास्तव में ECL की जमीन पर था, तो इतने वर्षों तक इसे हटाने की पहल क्यों नहीं की गई। कई स्थानीय नागरिकों और सामाजिक संगठनों ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच तथा संबंधित अधिकारियों की भूमिका की समीक्षा की मांग की है।