कोलकाता: महिलाओं और नाबालिगों के खिलाफ अपराध के मामलों में त्वरित न्याय सुनिश्चित करने के लिए पश्चिम बंगाल सरकार ने सख्त रुख अपनाया है। मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी की मौजूदगी में कोलकाता पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ हुई समीक्षा बैठक में लंबित POCSO मामलों की प्रगति पर विस्तार से चर्चा की गई। सरकार ने स्पष्ट किया है कि ऐसे मामलों में किसी भी तरह की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।
77 मामलों में चार्जशीट थी लंबित
लालबाजार सूत्रों के अनुसार, भाजपा सरकार के सत्ता में आने के समय कोलकाता पुलिस के विभिन्न थानों में POCSO अधिनियम के 77 मामलों में चार्जशीट दाखिल नहीं की गई थी। नियमानुसार मामला दर्ज होने के दो महीने के भीतर अदालत में चार्जशीट पेश करना आवश्यक होता है।
दो सप्ताह में 23 मामलों में हुई कार्रवाई
सरकारी समीक्षा के बाद पिछले दो सप्ताह के दौरान 23 POCSO मामलों में चार्जशीट अदालत में दाखिल कर दी गई है। हालांकि अभी भी 54 मामलों में चार्जशीट दाखिल किया जाना बाकी है। सभी जांच अधिकारियों (आईओ) को निर्धारित समय के भीतर लंबित मामलों का निपटारा करने के निर्देश दिए गए हैं।
गिरफ्तारी वारंट पर भी तेज होगी कार्रवाई
बैठक में यह भी निर्देश दिया गया कि जिन मामलों में आरोपियों के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी हो चुका है, उन्हें जल्द से जल्द गिरफ्तार किया जाए। इसके लिए संबंधित डिप्टी कमिश्नरों और सभी थाना प्रभारियों को आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
सरकार का संदेश
सरकार का कहना है कि महिलाओं और नाबालिगों के खिलाफ अपराध के मामलों में दोषियों को कानून के अनुसार कठोर सजा दिलाना प्राथमिकता है। इसी उद्देश्य से लंबित मामलों की नियमित समीक्षा और तेज कार्रवाई जारी रहेगी।