कोलकाता : कोलकाता के तारातला इलाके में एक निर्माणाधीन गोदाम ढहने से मची तबाही (गुरुवार रात तक 11 लोगों की मौत) पर राज्य की नई सरकार ने बेहद कड़ा रुख अख्तियार कर लिया है। मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने इस हादसे को पूर्ववर्ती तृणमूल कांग्रेस (TMC) सरकार के 'पापों का फल' करार दिया है। विधानसभा में कड़े तेवर दिखाते हुए मुख्यमंत्री ने साफ संदेश दिया कि जनता की जान से खिलवाड़ करने वाले किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा। इस मामले में 'जीरो टॉलरेंस' की नीति अपनाते हुए प्रशासन ने जांच तेज कर दी है, जिसके तहत पूर्व मेयर फिरहाद हकीम के तत्कालीन ओएसडी (OSD) कालीचरण बनर्जी को बीती रात लंबी पूछताछ के बाद पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है।
"किसी को छोड़ने का कोई सीन नहीं", विधानसभा में गरजे सीएम
बुधवार को हुए इस हादसे के बाद मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी कई अहम दस्तावेजों के साथ विधानसभा पहुंचे। उन्होंने सदन में एक आधिकारिक दस्तावेज दिखाते हुए कहा, "यह देखिए, इस पर पूर्व मेयर फिरहाद हकीम के हस्ताक्षर हैं। स्ट्रक्चर में गंभीर कमियां होने के बावजूद इस त्रुटिपूर्ण बिल्डिंग प्लान को इसी साल 17 जनवरी को पास कर दिया गया था। पूर्ववर्ती सरकार ने 'सिटी ऑफ जॉय' को मौत के कुएं में बदल दिया था।" मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि फैक्ट फाइंडिंग कमेटी जांच कर रही है और प्लान को मंजूरी देने वाले किसी भी इंजीनियर या अधिकारी को छोड़ा नहीं जाएगा।
कोलकाता समेत इन क्षेत्रों में 4 हफ्ते के लिए कंस्ट्रक्शन बैन
हादसे की गंभीरता और पूर्ववर्ती सरकार के कार्यकाल में पास हुए अन्य संदिग्ध प्लान्स को देखते हुए मुख्यमंत्री ने एक बड़ा प्रशासनिक फैसला सुनाया है। उन्होंने घोषणा की कि अगले चार हफ्तों के लिए कोलकाता नगर निगम (KMC), राजरहाट-न्यू टाउन, महेशतला, बजबज, बिष्णुपुर ग्रामीण, सोनारपुर और बारुईपुर नगर पालिका क्षेत्रों में सभी निर्माणाधीन कार्यों पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी गई है। इस दौरान केवल आपातकालीन सेवाओं को छूट मिलेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि तृणमूल शासन के दौरान स्वीकृत किए गए सभी बिल्डिंग प्लान्स का ऑडिट करने के लिए एक विशेष कमेटी का गठन किया जा रहा है।
केएमसी के 'काली' पर कसा शिकंजा, कैमैक स्ट्रीट का कनेक्शन?
मुख्यमंत्री ने सदन में कोलकाता नगर निगम के भीतर चल रहे कथित सिंडिकेट राज की ओर इशारा करते हुए कहा, "केएमसी में 'काली' का नाम लिए बिना कोई काम नहीं होता था। और इस 'काली' को किसने नियुक्त किया था, यह सब जानते हैं।" सुवेंदु अधिकारी का इशारा पूर्व मेयर के तत्कालीन ओएसडी कालीचरण बनर्जी की तरफ था। मुख्यमंत्री के इस बयान के बाद कल रात ही पुलिस ने कालीचरण को दबोच लिया।
इस बीच, राजनीतिक गलियारों में इस बात को लेकर भी चर्चा तेज है कि कालीचरण के तार टीएमसी के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी के कैमैक स्ट्रीट स्थित दफ्तर से जुड़े थे। हालांकि, कैमैक स्ट्रीट सूत्रों ने इसका खंडन करते हुए दावा किया है कि साल 2024 में अभिषेक बनर्जी के दफ्तर से ही कालीचरण के खिलाफ नाम का दुरुपयोग कर धोखाधड़ी करने की शिकायत शेक्सपियर सरणी थाने में दर्ज कराई गई थी। वहीं, टीएमसी विधायक कुणाल घोष ने भी पत्रकार वार्ता कर पूर्व मेयर फिरहाद हकीम की तुरंत गिरफ्तारी की मांग उठाई है।
पूर्व मेयर फिरहाद हकीम की सफाई
मुख्यमंत्री के इन गंभीर आरोपों पर पलटवार करते हुए कोलकाता के पूर्व मेयर फिरहाद हकीम ने कहा, "बिल्डिंग प्लान पास करना नगर निगम के संबंधित विभाग का काम होता है। दुर्भाग्य से मैंने इंजीनियरिंग की पढ़ाई नहीं की है। निगम के सैकड़ों दस्तावेजों पर मेयर के हस्ताक्षर केवल एक औपचारिकता होते हैं, इससे कुछ साबित नहीं होता। मुझे नहीं पता कि मुख्यमंत्री किस संदर्भ में बात कर रहे हैं।"
सेना ने संभाला मोर्चा, मुआवजे का ऐलान
मलबे में दबे लोगों को निकालने के लिए आपदा प्रबंधन के साथ-साथ भारतीय सेना (Indian Army) को भी रेस्क्यू ऑपरेशन में उतारा गया है। मुख्यमंत्री ने पूर्व सरकार पर आधुनिक उपकरणों की कमी का आरोप लगाते हुए कहा, "पिछली सरकार ने 15 साल के शासन में लोहे के भारी बीम काटने वाली एक आधुनिक मशीन तक नहीं खरीदी। अगर सेना अपने अत्याधुनिक उपकरणों के साथ मोर्चा नहीं संभालती, तो हम 20 लोगों की जान नहीं बचा पाते।"
राज्य सरकार ने इस भीषण हादसे में जान गंवाने वाले मृतकों के परिजनों को 10-10 लाख रुपये और घायलों को 1-1 लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की है।