कोलकाता: पश्चिम बंगाल की राजनीति में सरकारी संसाधनों के इस्तेमाल को लेकर एक और विवाद सामने आया है। बेहाला में सरकारी सामग्री बरामद होने की घटना के बाद अब मेटियाब्रुज के वार्ड नंबर 138 में एक सरकारी आवास से बड़ी संख्या में बाल्टी और तिरपाल मिलने का मामला चर्चा में है। घटना के बाद इलाके में राजनीतिक और सामाजिक हलचल तेज हो गई है।
स्थानीय लोगों ने जताई आपत्ति
स्थानीय निवासियों का कहना है कि उन्हें आवास में सरकारी सामग्री जमा होने की जानकारी मिली थी। इसके बाद मौके पर पहुंचकर उन्होंने मामले की जांच की मांग उठाई। लोगों का आरोप है कि राहत कार्यों के लिए निर्धारित सामग्री आम नागरिकों तक नहीं पहुंची और उसे एक स्थान पर रखा गया था। सूचना मिलने पर पुलिस भी मौके पर पहुंची और स्थिति का जायजा लिया।
पार्षद ने दी सफाई
वार्ड की पार्षद फरीदा परवीन ने आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि बरामद की गई सामग्री अतिरिक्त थी। उनके अनुसार जरूरतमंद लोगों के बीच राहत सामग्री का वितरण पहले ही किया जा चुका था और बचा हुआ सामान सुरक्षित रखा गया था। उन्होंने किसी भी तरह की अनियमितता से इनकार किया है।
सवालों के घेरे में राहत सामग्री
घटना के बाद स्थानीय लोगों ने सवाल उठाया है कि यदि वितरण प्रक्रिया पूरी हो चुकी थी, तो इतनी मात्रा में सरकारी सामग्री एक आवास में क्यों रखी गई थी। मामले को लेकर प्रशासनिक जांच की मांग भी तेज हो गई है। फिलहाल पुलिस शिकायत के आधार पर पूरे घटनाक्रम की पड़ताल कर रही है।