कोलकाता: पूर्व बर्धमान जिले के मंगलकोट स्थित निगान पुल की हालत बेहद खराब हो गई है। कटवा-बर्धमान मार्ग पर ब्राह्मणी नदी के ऊपर बने इस पुल का एक हिस्सा धंस गया है, जिससे इसकी संरचना एक ओर झुक गई है। पुल में बड़ी-बड़ी दरारें पड़ चुकी हैं, कंक्रीट के स्लैब टूटकर गिर रहे हैं और लोहे की छड़ें बाहर निकल आई हैं। स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने बसों और ट्रकों समेत भारी वाहनों की आवाजाही पर रोक लगा दी है, हालांकि छोटे वाहन अभी भी पुल से गुजर रहे हैं।
2001 में बना था पुल, रखरखाव पर उठे सवाल
जानकारी के अनुसार, इस पुल का निर्माण राज्य के लोक निर्माण विभाग (PWD) ने वर्ष 2001 में कराया था। स्थानीय लोगों का आरोप है कि निर्माण के बाद से पुल का नियमित रखरखाव नहीं किया गया। उनका कहना है कि करीब डेढ़ साल पहले से ही पुल की हालत खराब होने लगी थी, लेकिन समय रहते मरम्मत के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया।
पहले दरारें पड़ीं, अब धंस गया पुल का हिस्सा
स्थानीय सूत्रों के मुताबिक, कुछ महीने पहले पुल में बड़ी दरारें दिखाई दी थीं और इसे कमजोर भी घोषित किया गया था। इसके बावजूद भारी वाहनों की आवाजाही जारी रही। हाल ही में पुल का एक हिस्सा धंस गया, जिससे पूरा ढांचा झुक गया। पुल के निचले हिस्से से कंक्रीट के टुकड़े गिरने लगे। हालात बिगड़ने के बाद प्रशासन ने भारी वाहनों के प्रवेश पर तत्काल रोक लगा दी और प्रभावित हिस्से को बांस की घेराबंदी कर सुरक्षित किया गया।
यातायात प्रभावित, लोगों की बढ़ी परेशानी
पुल पर प्रतिबंध लगने के कारण कटवा-बर्धमान मार्ग की बस सेवाएं काफी प्रभावित हुई हैं। यात्रियों को वैकल्पिक रास्तों का सहारा लेना पड़ रहा है, जिससे यात्रा का समय और खर्च दोनों बढ़ गए हैं। दैनिक यात्रियों, छात्रों और कामकाजी लोगों को खासा नुकसान उठाना पड़ रहा है।
बड़े हादसे की आशंका, जल्द कार्रवाई की मांग
स्थानीय लोगों का कहना है कि पुल की खराब स्थिति लंबे समय से सभी के सामने थी, लेकिन समय पर मरम्मत नहीं की गई। कई लोगों ने पुल पर ऑटो या रिक्शा से भी यात्रा करने में डर जताया है। नागरिकों ने प्रशासन से तत्काल मरम्मत कार्य शुरू करने और स्थायी समाधान निकालने की मांग की है, ताकि किसी बड़े हादसे को रोका जा सके।