नंदीग्राम (पश्चिम बंगाल): विधानसभा चुनाव 2026 के सबसे चर्चित और हाई-प्रोफाइल क्षेत्र नंदीग्राम में मतदान से ठीक 48 घंटे पहले निर्वाचन आयोग ने बड़ा कदम उठाया है। आयोग ने यहां तैनात पुलिस पर्यवेक्षक को तत्काल प्रभाव से बदल दिया है। इस फैसले के बाद राजनीतिक माहौल और अधिक गर्म हो गया है।
मतदान से पहले बड़ा एक्शन, आयोग ने दिखाई सख्ती
निर्वाचन आयोग ने कानून-व्यवस्था को लेकर उठे सवालों के बाद नंदीग्राम में तैनात पुलिस पर्यवेक्षक हितेश चौधरी को हटाकर उनकी जगह अखिलेश सिंह को नया पुलिस पर्यवेक्षक नियुक्त किया है। आयोग का यह फैसला निष्पक्ष और शांतिपूर्ण मतदान सुनिश्चित करने की दिशा में अहम माना जा रहा है।
TMC के आरोपों के बाद हुआ बदलाव
सूत्रों के मुताबिक, यह कदम सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस (TMC) की शिकायत के बाद उठाया गया है। टीएमसी ने आरोप लगाया था कि स्थानीय पुलिस प्रशासन भाजपा के पक्ष में काम कर रहा है और विपक्षी कार्यकर्ताओं की शिकायतों पर कार्रवाई नहीं की जा रही है।
टीएमसी ने इस संबंध में निर्वाचन आयोग को पत्र भेजकर तत्काल हस्तक्षेप की मांग की थी।
पुलिस पर पक्षपात के आरोप
टीएमसी का कहना है कि नंदीग्राम थाने के अधिकारी विपक्षी कार्यकर्ताओं के खिलाफ दर्ज मामलों को गंभीरता से नहीं ले रहे थे, जिससे चुनावी निष्पक्षता पर सवाल उठ रहे थे। इसी शिकायत को गंभीरता से लेते हुए आयोग ने यह प्रशासनिक बदलाव किया।
नंदीग्राम पर देश की नजर
नंदीग्राम सीट को इस बार भी बंगाल की सबसे संवेदनशील और प्रतिष्ठित सीटों में गिना जा रहा है। यहां पहले से ही राजनीतिक तनाव बना हुआ है और चुनाव आयोग ने सुरक्षा व्यवस्था पर विशेष निगरानी रखी है।
आयोग की सख्त निगरानी
बंगाल चुनाव के लिए कुल 84 पुलिस पर्यवेक्षक तैनात किए गए हैं, जो राज्य भर में कानून-व्यवस्था पर नजर बनाए हुए हैं। आयोग का साफ संदेश है कि मतदान प्रक्रिया में किसी भी तरह की पक्षपातपूर्ण गतिविधि बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
मतदान और नतीजों का कार्यक्रम
- पहला चरण मतदान: 23 अप्रैल
- दूसरा चरण मतदान: 29 अप्रैल
- मतगणना और परिणाम: 4 मई