कोलकाता: आरजी कर मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में महिला डॉक्टर दुष्कर्म-हत्या मामले में एक नया विवाद सामने आया है। मृतका के माता-पिता ने पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के भतीजे और डॉक्टर आबेश मुखर्जी पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने दावा किया है कि घटना के बाद सबूत मिटाने में उनकी भूमिका की जांच होनी चाहिए।
मोबाइल लोकेशन को लेकर उठे सवाल
मृतका की मां रत्ना देबनाथ ने आरोप लगाया कि घटना वाली रात आबेश मुखर्जी का मोबाइल लोकेशन अस्पताल परिसर में दर्ज हुआ था। उनका कहना है कि उस रात अस्पताल में मौजूद सभी लोगों से निष्पक्ष पूछताछ की जानी चाहिए ताकि मामले की पूरी सच्चाई सामने आ सके।
सबूत नष्ट करने का आरोप
परिजनों ने यह भी दावा किया कि घटना के बाद एक अस्पताल शौचालय का इस्तेमाल सबूत मिटाने के लिए किया गया था और बाद में उसे तोड़ दिया गया। उन्होंने इस पूरे घटनाक्रम की गहन जांच कराने की मांग की है।
CBI से पूछताछ की मांग
मृतका के परिवार ने केंद्रीय जांच एजेंसी से आबेश मुखर्जी को भी पूछताछ के दायरे में लाने की मांग की है। उनका कहना है कि मामले से जुड़े हर व्यक्ति की भूमिका की जांच होना जरूरी है।
राजनीतिक बयानबाजी भी तेज
वहीं सत्तारूढ़ दल की ओर से इन आरोपों को राजनीतिक प्रेरित बताया गया है। पार्टी नेताओं का कहना है कि विपक्ष द्वारा पूर्व मुख्यमंत्री की छवि को नुकसान पहुंचाने के लिए ऐसे आरोप लगाए जा रहे हैं।
जांच पर बनी हुई है नजर
इस हाई-प्रोफाइल मामले में सीबीआई पहले ही कई वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों और राजनीतिक हस्तियों से पूछताछ कर चुकी है। अब परिजनों की नई मांग के बाद जांच की दिशा पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं।