कोलकाता: आरजी कर अस्पताल मामले की जांच में कथित सुस्ती को लेकर कोलकाता हाई कोर्ट ने केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) को कड़ी फटकार लगाई है। अदालत ने स्पष्ट कहा कि घटना के काफी समय बीत जाने और पूर्व में दिए गए निर्देशों के बावजूद जांच में कोई ठोस प्रगति दिखाई नहीं दे रही है।
सीबीआई के रवैये पर उठाए सवाल
न्यायमूर्ति शम्पा सरकार और न्यायमूर्ति तीर्थंकर घोष की खंडपीठ ने सुनवाई के दौरान सीबीआई की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए। अदालत ने कहा कि चार्जशीट दाखिल होने के बाद भी जांच आगे नहीं बढ़ी है, जो चिंताजनक है।
"जांच जहां थी, वहीं अटकी हुई है"
सुनवाई के दौरान न्यायमूर्ति तीर्थंकर घोष ने नाराजगी जताते हुए कहा कि अदालत के निर्देशों से पहले जांच जिस स्थिति में थी, आज भी वहीं बनी हुई है। उन्होंने पूछा कि आखिर जांच पूरी होने में और कितना समय लगेगा तथा क्या सीबीआई अधिकारी स्वयं को अदालत से ऊपर समझते हैं।
मामला सीबीआई से वापस लेने की चेतावनी
खंडपीठ ने स्पष्ट संकेत दिया कि यदि सीबीआई प्रभावी और संतोषजनक तरीके से जांच आगे नहीं बढ़ा पाती है, तो अदालत इस मामले को एजेंसी से वापस लेने पर विचार कर सकती है। कोर्ट की इस सख्त टिप्पणी को जांच एजेंसी के प्रति गंभीर असंतोष के रूप में देखा जा रहा है।
अगली सुनवाई पर नजर
हाई कोर्ट की इस कड़ी टिप्पणी के बाद अब सभी की नजर मामले की अगली सुनवाई और सीबीआई द्वारा पेश की जाने वाली प्रगति रिपोर्ट पर टिकी हुई है। अदालत ने स्पष्ट कर दिया है कि जांच में अनावश्यक देरी को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।