कोलकाता: पश्चिम बंगाल में नई सरकार के गठन के बाद भारतीय जनता पार्टी ने साफ कर दिया है कि राज्य में बनने वाली सरकार को केवल “भाजपा सरकार” के रूप में नहीं देखा जाएगा। प्रदेश भाजपा अध्यक्ष और राज्यसभा सांसद शमिक भट्टाचार्य ने कहा कि मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के नेतृत्व में बनने वाली सरकार “पश्चिम बंगाल सरकार” होगी, जो पूरे राज्य के लिए काम करेगी।
पार्टी और सरकार के रिश्ते पर क्या बोले शमिक भट्टाचार्य?
प्रदेश भाजपा कार्यालय में मीडिया से बातचीत करते हुए शमिक भट्टाचार्य ने कहा कि सरकार अपने तरीके से काम करेगी और पार्टी का दखल सिर्फ चुनावी संकल्प पत्र में किए गए वादों को लागू कराने तक सीमित रहेगा। उन्होंने कहा कि जनता से किए गए वादों को जमीन पर उतारना ही पार्टी और सरकार के बीच मुख्य कड़ी होगी।
207 कमल के फूलों से स्वागत
सॉल्टलेक स्थित भाजपा कार्यालय में मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी का जोरदार स्वागत किया गया। पार्टी कार्यकर्ताओं ने ‘जय श्रीराम’ के नारों के बीच 207 कमल के फूल भेंट किए, जो विधानसभा चुनाव में भाजपा की जीती सीटों का प्रतीक बताया गया। कार्यालय को फूलों से सजाया गया था और वहां श्यामा प्रसाद मुखर्जी तथा भारत माता की तस्वीरें भी लगाई गई थीं।
मोदी के ‘सबका साथ, सबका विकास’ पर चलेगी सरकार
संगठन की पहली बैठक में शामिल हुए शुभेंदु अधिकारी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का ‘सबका साथ, सबका विकास’ ही बंगाल सरकार का मार्गदर्शक सिद्धांत होगा। उन्होंने कहा कि नई सरकार बिना भेदभाव के राज्य के विकास पर काम करेगी और सभी वर्गों तक योजनाओं का लाभ पहुंचाया जाएगा।
पुराने बयान को लेकर फिर चर्चा
हालांकि शुभेंदु अधिकारी के पुराने बयान को लेकर राजनीतिक गलियारों में चर्चा तेज हो गई है। चुनाव प्रचार के दौरान उन्होंने कहा था कि “मुसलमानों की बीजेपी में कोई जगह नहीं है”, जिस पर बाद में उन्होंने सफाई दी थी। उन्होंने कहा कि उनके बयान का गलत अर्थ निकाला गया और भाजपा सरकार सभी लोगों के विकास के लिए काम करती है। अधिकारी ने यह भी कहा कि सरकारी योजनाओं का लाभ धर्म देखकर नहीं दिया जाएगा।
विपक्ष ने साधा निशाना
शुभेंदु अधिकारी के पुराने बयान और नए रुख को लेकर विपक्षी दलों ने भाजपा पर सवाल उठाने शुरू कर दिए हैं। विपक्ष का कहना है कि चुनाव के दौरान अलग भाषा और सत्ता में आने के बाद अलग संदेश देना भाजपा की रणनीति का हिस्सा है। हालांकि भाजपा नेताओं का दावा है कि नई सरकार विकास और प्रशासनिक सुधार पर फोकस करेगी।