भारतीय क्रिकेट के सबसे चर्चित विवादों में से एक रहे सौरव गांगुली और ग्रेग चैपल के रिश्तों को लेकर एक नया खुलासा सामने आया है। पूर्व भारतीय कप्तान सौरव गांगुली ने बताया कि टीम इंडिया में विवाद के वर्षों बाद ग्रेग चैपल ने उन्हें ईमेल भेजकर IPL फ्रेंचाइजी KKR का कोच बनने की इच्छा जताई थी। गांगुली ने यह खुलासा एक पॉडकास्ट में बातचीत के दौरान किया।
KKR में फिर साथ काम करना चाहते थे चैपल
गांगुली ने बताया कि साल 2011 में जब वह कोलकाता नाइट राइडर्स के कप्तान थे, तब ग्रेग चैपल ने उन्हें ईमेल भेजा था। उस ईमेल में चैपल ने KKR के मुख्य कोच बनने की इच्छा जताई थी और चाहा था कि गांगुली टीम की कप्तानी जारी रखें। यह खुलासा इसलिए भी अहम माना जा रहा है क्योंकि भारतीय टीम में दोनों के बीच रिश्ते बेहद तनावपूर्ण रहे थे।
"मैं बार-बार मूर्ख नहीं बन सकता" – गांगुली
जब गांगुली से पूछा गया कि अगर उन्होंने चैपल का प्रस्ताव स्वीकार कर लिया होता तो क्या होता, तो उन्होंने मजाकिया लेकिन तीखे अंदाज में जवाब दिया। उन्होंने कहा कि कोई व्यक्ति एक बार गलती कर सकता है, लेकिन उसे बार-बार मूर्ख नहीं बनाया जा सकता। गांगुली का यह बयान सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।
इमरान खान के लिए भी आया था संदेश
पूर्व BCCI अध्यक्ष ने यह भी खुलासा किया कि कई वर्षों बाद ग्रेग चैपल ने उन्हें एक संदेश भेजकर पाकिस्तान के पूर्व कप्तान इमरान खान के समर्थन में एक याचिका पर हस्ताक्षर करने का अनुरोध किया था। गांगुली ने बताया कि उन्होंने उस संदेश का कोई जवाब नहीं दिया क्योंकि वह ऐसे लोगों के साथ संवाद नहीं करना पसंद करते जो उनके अनुसार ईमानदार नहीं होते।
ईमानदारी को सबसे ज्यादा महत्व देते हैं दादा
गांगुली ने कहा कि किसी खिलाड़ी या व्यक्ति को लेकर अलग राय रखना गलत नहीं है, लेकिन समस्याओं को गलत तरीके से संभालना उन्हें पसंद नहीं है। उन्होंने कहा कि वह उन लोगों का सम्मान करते हैं जो सामने आकर अपनी बात रखते हैं, न कि पर्दे के पीछे रणनीति बनाते हैं।
चैपल और बुकानन में किसे चुनेंगे?
पॉडकास्ट में जब गांगुली से पूछा गया कि ग्रेग चैपल और जॉन बुकानन में से बेहतर कोच कौन थे, तो उन्होंने हैरान करने वाला जवाब दिया। गांगुली ने कहा कि वह ग्रेग चैपल को चुनेंगे क्योंकि उन्हें क्रिकेट की गहरी समझ थी। हालांकि, उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि उनके मतभेद कभी पूरी तरह खत्म नहीं हुए।