कोलकाता : रक्षाबंधन के अवसर पर दक्षिण कोलकाता के भवानीपुर विधानसभा क्षेत्र में राष्ट्रवाद, सामाजिक सौहार्द और भाईचारे को समर्पित विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया। समारोह में स्थानीय लोगों और कार्यकर्ताओं ने एक-दूसरे को रक्षासूत्र बांधकर प्रेम व एकजुटता का संदेश दिया। कार्यक्रम के दौरान ‘वंदे मातरम’ के सामूहिक गायन से माहौल देशभक्ति से भर गया।
श्रीखोल की थाप पर नजर आए सुवेंदु अधिकारी
कार्यक्रम का प्रमुख आकर्षण सुवेंदु अधिकारी का पारंपरिक अंदाज रहा। पीले कुर्ते-पायजामे और गमछे में नजर आए अधिकारी ने भवानीपुर की सड़कों पर पदयात्रा में हिस्सा लिया। इस दौरान उन्होंने गले में पारंपरिक श्रीखोल लटकाकर खुद वाद्य यंत्र बजाया। समर्थकों और स्थानीय लोगों के साथ वे ‘वंदे मातरम’ तथा हरिनाम संकीर्तन की धुन पर शामिल हुए। बड़ी संख्या में महिलाएं और पार्टी कार्यकर्ता भी इस आयोजन का हिस्सा बने।
रक्षासूत्र बांधकर दिया भाईचारे का संदेश
कार्यक्रम में स्थानीय महिलाओं ने लोगों की कलाई पर राखी बांधी। आयोजकों के मुताबिक, रक्षाबंधन को केवल पारिवारिक रिश्तों तक सीमित न रखते हुए इसे सामाजिक एकता और आपसी सद्भाव के प्रतीक के रूप में मनाया गया। समारोह में राष्ट्रवाद और सांस्कृतिक परंपरा को जोड़ते हुए ‘वंदे मातरम’ का सामूहिक गायन भी किया गया। आयोजकों ने रवींद्रनाथ टैगोर और बंग-भंग विरोधी आंदोलन के दौरान रक्षाबंधन के जरिए सामाजिक एकता के संदेश का भी उल्लेख किया।
भवानीपुर में दिखा उत्सवी माहौल
कार्यक्रम के दौरान भवानीपुर की सड़कों पर लोगों की भागीदारी और सांस्कृतिक गतिविधियों के कारण उत्सव का माहौल नजर आया। महिलाओं और स्थानीय नागरिकों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और एक-दूसरे को रक्षासूत्र बांधकर सौहार्द का संदेश दिया।
सोशल मीडिया पर हुआ लाइव प्रसारण
कार्यक्रम की पदयात्रा, श्रीखोल वादन और ‘वंदे मातरम’ गायन का सोशल मीडिया पर भी प्रसारण किया गया। मंच की पृष्ठभूमि में भारत का नक्शा और विशाल रक्षासूत्र दिखाई दिया। आयोजकों के अनुसार, कार्यक्रम का उद्देश्य रक्षाबंधन के माध्यम से प्रेम, सामाजिक एकता, भाईचारे और राष्ट्रभावना का संदेश लोगों तक पहुंचाना था।