बागपत - राष्ट्रीय लोकदल (RLD) के अध्यक्ष और केंद्रीय राज्यमंत्री जयंत चौधरी गुरुवार को बागपत पहुंचे। इस दौरान उन्होंने खेकड़ा स्थित गांधी विद्यालय इंटर कॉलेज में लाइब्रेरी का उद्घाटन किया। कार्यक्रम के बाद मीडिया से बातचीत में जयंत चौधरी ने समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव के हालिया बयानों पर प्रतिक्रिया दी और कई मुद्दों पर अपनी बात रखी।
‘चुनाव का समय है, आरोप-प्रत्यारोप चलते रहते हैं’
जयंत चौधरी ने कहा कि चुनाव के समय राजनीतिक दलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप होना सामान्य बात है। उन्होंने कहा कि नेता अपने-अपने तरीके से बयान देते हैं, लेकिन अंतिम फैसला जनता को करना होता है और जनता राजनीतिक घटनाक्रम को अच्छी तरह समझती है। उन्होंने कहा कि व्यक्तिगत तौर पर अखिलेश यादव उनके खिलाफ जितने कटाक्ष करना चाहें, उन्हें इससे कोई परेशानी नहीं है। हालांकि, अगर किसी बयान में पूरे समाज को निशाना बनाया जाएगा तो वह इस पर सवाल जरूर उठाएंगे।
‘चवन्नी’ वाले तंज पर दिया जवाब
अखिलेश यादव के ‘चवन्नी’ वाले तंज को लेकर जयंत चौधरी ने कहा कि वह व्यक्तिगत टिप्पणियों को लेकर ज्यादा प्रतिक्रिया नहीं देना चाहते। उन्होंने बताया कि उन्हें लगा कि अखिलेश यादव इशारों में उन्हें निशाना बना रहे थे, इसलिए उन्होंने तत्काल जवाब देना उचित नहीं समझा। जयंत ने कहा कि लेकिन जब बात किसी पूरे समाज को लेकर कही जाती है, तब सवाल उठाना जरूरी हो जाता है। उन्होंने सवाल किया कि अगर यह कहा जा रहा है कि समाज को राजनीति की समझ नहीं है, तो आखिर किस समाज की बात की जा रही है?
‘राजनीतिक दल समाज से बनते हैं’
जयंत चौधरी ने समाज और राजनीतिक दलों के रिश्ते पर भी अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि कोई भी राजनीतिक संगठन समाज से ही तैयार होता है। उनके मुताबिक, राजनीतिक दलों की अपनी कोई ऐसी क्षमता नहीं होती कि वे पूरे समाज का निर्माण कर सकें। उन्होंने सवालिया अंदाज में कहा, “समाजवादी समाज निर्माण करती है या समाज से बनती है?” जयंत चौधरी का कहना था कि राजनीति का आधार समाज ही होता है और किसी भी दल को यह भ्रम नहीं रखना चाहिए कि वह समाज से ऊपर है।
अखिलेश यादव के पोस्टर पर बोले- जानकारी नहीं
बागपत में अखिलेश यादव के पोस्टर लगाए जाने से जुड़े सवाल पर जयंत चौधरी ने कहा कि उन्हें इस बारे में जानकारी नहीं है कि पोस्टर किसने लगाए हैं। उन्होंने इस मामले में किसी तरह की अटकल लगाने से भी इनकार किया।
कार्यकर्ताओं से संयम बरतने की अपील
जयंत चौधरी ने अपने कार्यकर्ताओं से भी संयम बनाए रखने की अपील की। उन्होंने कहा कि राजनीतिक विरोध अपनी जगह है, लेकिन कार्यकर्ताओं को मर्यादा का ध्यान रखना चाहिए। उन्होंने कहा कि राजनीति में एक सीमा होती है और किसी को भी ‘लक्ष्मण रेखा’ पार नहीं करनी चाहिए। उनके मुताबिक, लोकतांत्रिक राजनीति में मतभेद और बहस जरूरी हैं, लेकिन व्यक्तिगत कटुता या ऐसा कदम नहीं उठाया जाना चाहिए जिससे राजनीतिक माहौल खराब हो।
जयंत चौधरी के इस बयान के बाद अखिलेश यादव और आरएलडी के बीच चल रही सियासी बयानबाजी को लेकर चर्चाएं और तेज हो गई हैं। चुनावी माहौल में दोनों नेताओं के बयानों पर अब राजनीतिक गलियारों की नजर बनी हुई है।