नई दिल्ली। भारत में सोने की कीमतों में गिरावट का सिलसिला शुक्रवार को लगातार चौथे कारोबारी सत्र भी जारी रहा। कीमती धातु पर लगातार बिकवाली का दबाव देखने को मिल रहा है। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर अक्टूबर डिलीवरी वाला सोना ₹896 यानी 0.56 प्रतिशत की गिरावट के साथ ₹1,58,100 प्रति 10 ग्राम पर कारोबार करता नजर आया।
चार दिन में ₹5,318 सस्ता हुआ सोना
शुक्रवार के कारोबार में सोने की कीमत एक समय ₹1,085 यानी 0.68 प्रतिशत गिरकर ₹1,57,911 प्रति 10 ग्राम के इंट्राडे निचले स्तर तक पहुंच गई। लगातार चार कारोबारी सत्रों की गिरावट में MCX पर सोना कुल ₹5,318 यानी करीब 3.25 प्रतिशत टूट चुका है। इस लगातार गिरावट से सोने पर बिकवाली के दबाव का अंदाजा लगाया जा सकता है। इससे पहले सप्ताह की शुरुआत में सोने की कीमतों में मजबूत तेजी देखने को मिली थी और भाव तीन महीने से अधिक के उच्च स्तर पर पहुंच गए थे।
अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी सोने पर दबाव
अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी शुक्रवार को सोने की कीमतों में कमजोरी देखने को मिली। स्पॉट गोल्ड 0.5 प्रतिशत गिरकर 4,576.30 डॉलर प्रति औंस पर आ गया। वहीं, अमेरिकी गोल्ड फ्यूचर्स 0.8 प्रतिशत की गिरावट के साथ 4,629 डॉलर प्रति औंस पर कारोबार कर रहा था।
फेड के रुख पर निवेशकों की नजर
सोने की कीमतों में आगे की दिशा को लेकर निवेशकों की नजर अमेरिकी फेडरल रिजर्व के चेयरमैन केविन वॉर्श के जैक्सन होल संगोष्ठी में दिए जाने वाले भाषण पर है। बाजार यह समझने की कोशिश कर रहा है कि अमेरिकी केंद्रीय बैंक आने वाले समय में ब्याज दरों को लेकर किस तरह का रुख अपना सकता है। ब्याज दरों में बदलाव का असर डॉलर और बॉन्ड यील्ड के साथ सोने की मांग पर भी पड़ता है। इसी वजह से निवेशक अमेरिकी मौद्रिक नीति से जुड़े संकेतों पर खास नजर बनाए हुए हैं।
आगे कैसी रह सकती है सोने की चाल?
विशेषज्ञों के मुताबिक, निकट अवधि में सोने की कीमतों में उतार-चढ़ाव बना रह सकता है। अमेरिकी फेड के ब्याज दर संबंधी संकेत, डॉलर की चाल और बॉन्ड यील्ड सोने की कीमतों के लिए अहम कारक होंगे। फिलहाल घरेलू और अंतरराष्ट्रीय दोनों बाजारों में सोने पर बिकवाली का दबाव दिखाई दे रहा है।