कोलकाता: पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने सोमवार, 26 अक्टूबर को ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (CJP) को निशाने पर लेते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के समर्थन में खड़े होने की अपील की। उन्होंने अपने बयान में ‘दिमागी नक्सल’, ‘टुकड़े-टुकड़े गैंग’ और कॉकरोच जैसे शब्दों का इस्तेमाल किया। अधिकारी की यह टिप्पणी CJP को लेकर जारी राजनीतिक बयानबाजी के बीच सामने आई है।
रामनगर में CJP पर साधा निशाना
पूर्व मेदिनीपुर के रामनगर में एक कार्यक्रम के दौरान सुवेंदु अधिकारी ने कहा कि लोगों को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ खड़ा होना चाहिए और ऐसे समूहों को पनपने नहीं देना चाहिए, जिन्हें उन्होंने ‘दिमागी नक्सल’ और ‘टुकड़े-टुकड़े गैंग’ करार दिया। उनका बयान CJP के खिलाफ उनके पहले के हमलों की अगली कड़ी माना जा रहा है।
कॉकरोच और खटमल से की तुलना
मुख्यमंत्री ने रविवार को भी अपने संबोधन में कॉकरोच, खटमल और ‘टुकड़े-टुकड़े गैंग’ का जिक्र करते हुए कहा था कि ये तत्व कोरोना वायरस की तरह फैलने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने कीटनाशक स्प्रे ‘हिट’ का उदाहरण देते हुए अपनी बात रखी। इन टिप्पणियों के जरिए उन्होंने CJP और उससे जुड़े वैचारिक समूहों पर निशाना साधा।
वामपंथ और तृणमूल कांग्रेस पर भी आरोप
सुवेंदु अधिकारी ने पश्चिम बंगाल में 34 वर्षों के वामपंथी शासन और ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली तृणमूल कांग्रेस के 15 वर्षों के शासन की आलोचना की। उन्होंने आरोप लगाया कि इन सरकारों ने बंगाल की विरासत और संस्कृति को कमजोर करने की कोशिश की। ये आरोप मुख्यमंत्री के राजनीतिक बयान का हिस्सा हैं।
‘ग्रेटर बांग्लादेश’ बनाने की कोशिश का आरोप
मुख्यमंत्री ने पूर्ववर्ती तृणमूल सरकार पर तुष्टीकरण की राजनीति करने और बंगाल को कथित तौर पर ‘ग्रेटर बांग्लादेश’ की दिशा में ले जाने का आरोप लगाया। उन्होंने दावा किया कि राज्य के लिए अलग गीत तैयार किया गया, झंडा बनाया गया और बांग्लादेश में इस्तेमाल होने वाले ‘जय बांग्ला’ नारे को अपनाया गया। इन दावों पर संबंधित पक्षों की प्रतिक्रिया इस रिपोर्ट में उपलब्ध नहीं है।
अगले शैक्षणिक सत्र से पाठ्यक्रम में बदलाव का ऐलान
सुवेंदु अधिकारी ने कहा कि अगले शैक्षणिक सत्र से स्कूलों के पाठ्यक्रम में बदलाव देखने को मिलेंगे। उन्होंने पश्चिम बंगाल में राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) लागू करने की भी बात कही। मुख्यमंत्री ने शैक्षणिक संस्थानों में विद्यार्थियों के बीच राष्ट्रवाद को बढ़ावा देने के लिए भाषण, प्रश्नोत्तरी और वाद-विवाद प्रतियोगिताएं आयोजित करने का प्रस्ताव भी रखा।
NCC और सिंगूर आंदोलन को लेकर भी टिप्पणी
मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि पिछली तृणमूल सरकार ने शैक्षणिक संस्थानों में राष्ट्रीय कैडेट कोर (NCC) में नामांकन को हतोत्साहित किया और इसके स्थान पर ‘जय हिंद वाहिनी’ को बढ़ावा दिया। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि सिंगूर में टाटा मोटर्स की परियोजना के विरोध से जुड़े लोगों को स्कूली इतिहास की किताबों में महिमामंडित किया गया। अधिकारी के अनुसार, प्रस्तावित पाठ्यक्रम बदलावों में इन मुद्दों को भी ध्यान में रखा जाएगा।