कोलकाता: राजनीतिक हिंसा से प्रभावित परिवारों के साथ CPI(M) नेता मीनाक्षी मुखर्जी ने मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी से मुलाकात की। इस प्रतिनिधिमंडल में उन परिवारों को शामिल किया गया था जिन्होंने वर्षों से राजनीतिक हिंसा का दर्द झेला है। इनमें तमन्ना खातून की मां भी मौजूद थीं, जो अपनी बेटी के लिए न्याय की मांग कर रही थीं।
आठ साल की मासूम बनी थी हिंसा का शिकार
तमन्ना खातून की मौत उस समय हुई थी जब वह मात्र आठ वर्ष की थी। आरोप है कि कालीगंज उपचुनाव में जीत के बाद हुए राजनीतिक जश्न के दौरान हुई हिंसा में फेंके गए बम की चपेट में आने से उसकी जान चली गई थी। इस घटना ने पूरे इलाके को झकझोर दिया था।
सालों तक नहीं मिला न्याय
बेटी को खोने के बाद तमन्ना की मां लगातार न्याय के लिए संघर्ष करती रहीं। उन्होंने बाद में CPI(M) के टिकट पर चुनाव भी लड़ा, लेकिन इतने वर्षों के बाद भी मामले के आरोपी कानून की गिरफ्त से बाहर थे। परिवार लगातार दोषियों की गिरफ्तारी और न्याय की मांग करता रहा।
मुख्यमंत्री से मुलाकात के बाद तेज हुई कार्रवाई
मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी से मुलाकात के दौरान तमन्ना की मां ने मामले में न्याय दिलाने की अपील की। इसके बाद प्रशासन ने तेजी से कदम उठाए और मुलाकात के 24 घंटे के भीतर मामले के दो आरोपियों शबीर शेख और जियावल शेख को गिरफ्तार कर लिया गया।
सरकार ने न्याय के प्रति प्रतिबद्धता दोहराई
आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद राज्य सरकार ने कहा कि पीड़ित को न्याय दिलाने में राजनीतिक पहचान बाधा नहीं बननी चाहिए। प्रशासन का दावा है कि दोषियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी और मामले को तार्किक निष्कर्ष तक पहुंचाया जाएगा।