कोलकाता: तारातला में निर्माणाधीन गोदाम ढहने के बाद चल रहा राहत एवं बचाव अभियान तेज बारिश और खराब मौसम के कारण रोकना पड़ा है। दोपहर बाद अचानक शुरू हुई मूसलाधार बारिश, बिजली कड़कने और तेज हवाओं ने पूरे इलाके को प्रभावित कर दिया है। एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमों को भी मलबा हटाने और बचाव कार्य में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
24 घंटे बाद भी फंसे लोगों की आशंका
घटना को 24 घंटे बीत चुके हैं, लेकिन अभी तक यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि गोदाम के अंदर कितने श्रमिक फंसे हुए हैं। रातभर रेस्क्यू ऑपरेशन जारी रहा, जिसे सुबह फिर से शुरू किया गया था, लेकिन खराब मौसम के कारण इसे बीच में ही रोकना पड़ा।
अचानक हादसे से दहला इलाका
स्थानीय लोगों के अनुसार हादसा इतना अचानक हुआ कि किसी को संभलने का मौका नहीं मिला। निर्माणाधीन गोदाम अचानक भरभराकर गिर गया, जिससे पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई। सूचना मिलते ही प्रशासन, पुलिस और बचाव दल मौके पर पहुंच गए और राहत कार्य शुरू किया गया।
अस्पताल में घायलों का इलाज जारी
हादसे में घायल लोगों को कोलकाता के एसएसकेएम अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनका इलाज चल रहा है। प्रशासन लगातार हालात पर नजर बनाए हुए है और राहत कार्य को जल्द से जल्द पूरा करने की कोशिश की जा रही है।
जांच शुरू, सुरक्षा पर उठे सवाल
घटना के कारणों की जांच शुरू कर दी गई है। शुरुआती जांच में सुरक्षा मानकों से जुड़े कई पहलुओं को खंगाला जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि यह पता लगाया जा रहा है कि यह हादसा लापरवाही का नतीजा था या किसी तकनीकी खामी के कारण हुआ।
अब तक 11 की मौत, 5 गिरफ्तार
इस दर्दनाक हादसे में अब तक 11 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है, जबकि 5 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। पूरे मामले की गहन जांच जारी है।