कोलकाता: पश्चिम बंगाल में सत्ता परिवर्तन के बाद नई सरकार भ्रष्टाचार के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी कानूनी कार्रवाई की तैयारी में जुट गई है। मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने विधानसभा के बजट सत्र के दौरान घोषणा की है कि सरकार जल्द ही एक सख्त भ्रष्टाचार-रोधी विधेयक पेश करेगी। इस प्रस्तावित कानून के तहत भ्रष्टाचार से अर्जित चल और अचल संपत्तियों को जब्त कर उनकी नीलामी की जाएगी।
विधानसभा के विशेष सत्र में पेश हो सकता है विधेयक
सूत्रों के अनुसार, 25 जून तक विधेयक का अंतिम मसौदा तैयार नहीं हो सका है। कानूनी विशेषज्ञ इसके विभिन्न प्रावधानों की गहन समीक्षा कर रहे हैं ताकि भविष्य में किसी भी प्रकार की कानूनी चुनौती का सामना न करना पड़े। इसी कारण बिजनेस एडवाइजरी (बीए) कमेटी ने 29 जून को विशेष सत्र बुलाने का निर्णय लिया है। माना जा रहा है कि इस संबंध में औपचारिक घोषणा विधानसभा अध्यक्ष रथींद्र बोस द्वारा बजट सत्र के पहले चरण के अंतिम दिन की जा सकती है।
भ्रष्टाचार से कमाई संपत्ति पर चलेगा सरकार का बुलडोजर
मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने सदन में कहा कि नया कानून लागू होने के बाद भ्रष्टाचार में शामिल लोगों के लिए बच निकलना आसान नहीं होगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि कार्रवाई केवल जेल तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि भ्रष्टाचार से अर्जित संपत्तियों को भी सरकार जब्त करेगी। मुख्यमंत्री के अनुसार, जब्त की गई संपत्तियों की सार्वजनिक नीलामी की जाएगी और उससे प्राप्त राशि का उपयोग जनता के कल्याण और विकास कार्यों में किया जाएगा।
जनता का पैसा जनता को लौटाने का दावा
सरकार का कहना है कि भ्रष्टाचार के जरिए अर्जित संपत्ति को किसी भी हालत में सुरक्षित नहीं रहने दिया जाएगा। नए कानून का मुख्य उद्देश्य अवैध कमाई को कानूनी रूप से जब्त कर उसे सार्वजनिक हित में इस्तेमाल करना है। इससे भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाने के साथ-साथ सरकारी संसाधनों के दुरुपयोग को रोकने में भी मदद मिलेगी।
विपक्ष पर भी साधा निशाना
विधेयक पर चर्चा के दौरान मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने विपक्षी नेताओं पर भी अप्रत्यक्ष हमला बोला। उन्होंने कहा कि अब तक कई लोग यह सोचकर भ्रष्टाचार करते रहे कि कुछ समय जेल में बिताने या लंबी कानूनी प्रक्रिया का सहारा लेकर वे बच निकलेंगे। मुख्यमंत्री ने कहा,"वे दिन अब खत्म हो चुके हैं। इस बार केवल जेल नहीं होगी, बल्कि कानून के तहत अवैध संपत्तियां भी जब्त की जाएंगी। उनकी नीलामी कर जनता का पैसा वापस जनता के हित में लगाया जाएगा।"
क्या बदल सकता है इस कानून से?
यदि यह विधेयक विधानसभा से पारित हो जाता है, तो पश्चिम बंगाल देश के उन चुनिंदा राज्यों में शामिल हो सकता है जहां भ्रष्टाचार के मामलों में दोषियों की संपत्तियां जब्त करने के लिए विशेष कानूनी व्यवस्था लागू होगी। राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में इस प्रस्तावित कानून को लेकर चर्चा तेज हो गई है।