कोलकाता: पश्चिम बंगाल सरकार ने राज्य के सरकारी कर्मचारियों, शैक्षणिक संस्थानों और सरकारी अनुदान प्राप्त संस्थानों के लिए अवकाश को लेकर महत्वपूर्ण घोषणा की है। सरकार द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार, 1 जुलाई को डॉ. बिधान चंद्र राय की जयंती पर आधे दिन (हाफ डे) और 6 जुलाई को डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की 125वीं जयंती के अवसर पर पूर्ण दिवस (फुल डे) सरकारी अवकाश रहेगा।
1 जुलाई को दोपहर 2 बजे के बाद रहेगा अवकाश
सरकारी अधिसूचना के अनुसार, 1 जुलाई को सभी सरकारी कार्यालय, सरकारी शैक्षणिक संस्थान और सरकारी सहायता प्राप्त संस्थान दोपहर 2 बजे तक खुले रहेंगे। इसके बाद हाफ डे अवकाश लागू हो जाएगा। हालांकि, कोलकाता के रजिस्ट्रार ऑफ एश्योरेंसेस और कलेक्टर ऑफ स्टाम्प रेवेन्यू कार्यालय इस आदेश से बाहर रहेंगे और वहां सामान्य रूप से कामकाज जारी रहेगा।
6 जुलाई को पूरे दिन की छुट्टी
राज्य सरकार ने नेगोशिएबल इंस्ट्रूमेंट्स एक्ट, 1881 की धारा 25 तथा केंद्रीय गृह मंत्रालय की अधिसूचना के तहत राज्यपाल की मंजूरी से 6 जुलाई को पूरे पश्चिम बंगाल में पूर्ण दिवस सरकारी अवकाश घोषित किया है। यह अवकाश डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की 125वीं जयंती के अवसर पर दिया जा रहा है।
श्यामा प्रसाद मुखर्जी की विरासत को सहेजने की तैयारी
राज्य सरकार ने डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के योगदान को नई पीढ़ी तक पहुंचाने के उद्देश्य से कई योजनाओं की घोषणा की है। सरकार उनके सम्मान में 125 फीट ऊंची प्रतिमा स्थापित करेगी, जिसका भूमिपूजन 6 जुलाई को प्रस्तावित है। इसके अलावा हुगली के जीराट स्थित पैतृक घर का संरक्षण, उनके नाम पर पुस्तकालय और पार्क का निर्माण भी किया जाएगा। इन परियोजनाओं के लिए सरकार 200 करोड़ रुपये आवंटित कर चुकी है।
डॉक्टर्स डे के रूप में मनाया जाता है 1 जुलाई
पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. बिधान चंद्र राय की जयंती पूरे देश में राष्ट्रीय चिकित्सक दिवस (डॉक्टर्स डे) के रूप में मनाई जाती है। इस अवसर पर सरकारी और निजी अस्पतालों में चिकित्सकों को सम्मानित किया जाता है। साथ ही स्वास्थ्य जांच शिविर, जागरूकता कार्यक्रम, सांस्कृतिक आयोजन और माल्यार्पण जैसे कार्यक्रम भी आयोजित किए जाते हैं।
आम लोगों के लिए जरूरी सूचना
सरकार ने नागरिकों से अपील की है कि यदि उन्हें 1 जुलाई को किसी सरकारी कार्यालय में काम है, तो वे दोपहर 2 बजे से पहले अपना कार्य पूरा कर लें। वहीं, 6 जुलाई को पूर्ण अवकाश होने के कारण सरकारी कार्यालयों में नियमित सेवाएं उपलब्ध नहीं रहेंगी।