कोलकाता: पश्चिम बंगाल के दक्षिण 24 परगना जिले के नामखाना में सोमवार रात एक बड़ा जलमार्ग हादसा हो गया। कोलकाता से एक कार्यक्रम संपन्न कर लौट रहा 'एम.वी. मां अजंता' (M.V. Maa Ajanta) नाम का एक लॉन्च, हाबड़ा-दोआनिया नदी (Hatania-Doania River) में एक मछली पकड़ने वाले ट्रॉलर से टकराकर नदी में डूब गया। गनीमत यह रही कि इस हादसे में कोई जनहानि नहीं हुई और लॉन्च पर सवार सभी 5 लोगों को सुरक्षित बचा लिया गया है।
यह दुर्घटना सोमवार रात करीब 8 बजे नामखाना थाने के खटुआ गेरी घाट के पास हुई।
आमने-सामने की भिड़ंत और 5 मिनट में जलसमाधि
स्थानीय सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, 'एम.वी. मां अजंता' लॉन्च कोलकाता के डॉकघाट से गोसाबा की ओर जा रहा था। नामखाना मत्स्य बंदरगाह को पार कर जब वह भगवतपुर की तरफ बढ़ रहा था, तभी विपरीत दिशा से आ रहे 'एफबी करुआमयी' (FB Karunamoyi) नाम के एक अनियंत्रित मछुआरे ट्रॉलर ने लॉन्च को जोरदार टक्कर मार दी।
टक्कर इतनी भीषण थी कि लॉन्च का एक हिस्सा बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया और उसमें तेजी से पानी भरने लगा। चश्मदीदों के मुताबिक, टक्कर के महज 5 से 7 मिनट के भीतर ही पूरा लॉन्च सामान समेत नदी के गहरे पानी में समा गया।
देवदूत बनकर आए साथी मछुआरे
हादसे के वक्त लॉन्च पर चालक (सारेन) समेत कुल पांच कर्मचारी मौजूद थे। अचानक हुई इस दुर्घटना से इलाके में हड़कंप मच गया। हालांकि, पास में ही मौजूद अन्य मछुआरों और एक टूरिस्ट लॉन्च के कर्मचारियों ने बिना वक्त गंवाए तुरंत बचाव कार्य शुरू कर दिया। उनकी मुस्तैदी और बहादुरी के कारण नदी में डूबे पांचों कर्मचारियों को सुरक्षित और सही-सलामत बाहर निकाल लिया गया, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया।
प्रशासन ने शुरू की जांच, सुरक्षा पर उठे सवाल
घटना की सूचना मिलते ही नामखाना थाने की पुलिस और प्रशासन के उच्च अधिकारी मौके पर पहुंचे। नदी में डूबे लॉन्च 'एम.वी. मां अजंता' को बाहर निकालने के लिए जरूरी क्रेन और विशेषज्ञ कटर टीमों के साथ बचाव कार्य शुरू कर दिया गया है।
प्रशासनिक अधिकारियों ने बताया: हादसे के असली कारणों का पता लगाने के लिए प्राथमिक जांच शुरू कर दी गई है। यह पता लगाया जा रहा है कि क्या दोनों जहाजों में से किसी की लापरवाही थी या किसी ने जलमार्ग के नियमों का उल्लंघन किया था। तकनीकी खराबी के एंगल से भी जांच की जा रही है इस हादसे में भले ही किसी की जान नहीं गई, लेकिन व्यस्त हाबड़ा-दोआनिया नदी में जहाजों और यात्रियों की सुरक्षा को लेकर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। स्थानीय निवासियों का कहना है कि भविष्य में ऐसे हादसों को रोकने के लिए प्रशासन को नदी मार्गों पर कड़ी निगरानी और सख्त सुरक्षा नियम लागू करने चाहिए।