कोलकाता नगर निगम क्षेत्र के सरकारी स्कूलों में मिड डे मील की जिम्मेदारी ISKCON को सौंपे जाने के बाद सोशल मीडिया पर एक कथित मेन्यू तेजी से वायरल हो रहा है। इस मेन्यू में सप्ताह के छह दिनों के लिए अलग-अलग शाकाहारी भोजन का उल्लेख किया गया है, लेकिन अंडे का जिक्र नहीं होने से नई बहस छिड़ गई है।
क्या है पूरा मामला?
राज्य के वित्त मंत्री स्वपन दासगुप्ता ने हाल ही में बजट पेश करते हुए घोषणा की थी कि कोलकाता नगर निगम क्षेत्र के स्कूलों में मिड डे मील संचालन की जिम्मेदारी ISKCON को दी जाएगी। इसके बाद सोशल मीडिया पर एक कथित भोजन सूची वायरल होने लगी, जिसमें सोमवार से शनिवार तक बच्चों को दिए जाने वाले खाने का विवरण साझा किया गया।
वायरल मेन्यू पर उठे सवाल
वायरल पोस्ट में चावल, दाल, सोयाबीन, पुलाव, मटर पनीर, काबुली चना और खिचड़ी जैसे व्यंजनों का जिक्र किया गया था। हालांकि इस सूची में अंडे का उल्लेख नहीं था। इसी वजह से कई अभिभावकों और सोशल मीडिया यूजर्स ने सवाल उठाया कि क्या अब मिड डे मील से अंडे को हटाया जा रहा है।
ISKCON ने दी सफाई
विवाद बढ़ने के बाद ISKCON कोलकाता के उपाध्यक्ष और प्रवक्ता राधारमण दास ने स्पष्ट किया कि सोशल मीडिया पर प्रसारित हो रहा मेन्यू पूरी तरह भ्रामक है। उन्होंने कहा कि अभी तक छात्रों के लिए कोई आधिकारिक मेन्यू तय नहीं किया गया है और संस्था की ओर से ऐसी कोई सूची जारी नहीं की गई है।
आधिकारिक घोषणा का इंतजार
राधारमण दास ने लोगों से अपील की कि वे अपुष्ट जानकारी साझा करने से बचें। उनका कहना है कि जब अंतिम मेन्यू तय हो जाएगा, तब उसे आधिकारिक रूप से सार्वजनिक किया जाएगा। फिलहाल अंडा रहेगा या नहीं, इस पर कोई अंतिम निर्णय सामने नहीं आया है।
राजनीतिक बयानबाजी भी तेज
मिड डे मील में अंडे को लेकर उठे विवाद ने राजनीतिक रंग भी लेना शुरू कर दिया है। विपक्षी दलों और विभिन्न सामाजिक संगठनों की ओर से बच्चों के पोषण से जुड़े मुद्दों पर सवाल उठाए जा रहे हैं। हालांकि सरकार और ISKCON दोनों की ओर से फिलहाल किसी बदलाव की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।