कोलकाता: पश्चिम बंगाल में मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी के नेतृत्व वाली राज्य सरकार अपने चुनावी वादे को पूरा करते हुए शिक्षित बेरोजगार युवाओं के लिए 'युवाशक्ति भरोसा कार्ड' (भरसा कर्मसूची) योजना की शुरुआत करने जा रही है। सूत्रों के अनुसार, 1 अक्टूबर से इस योजना के तहत आवेदन स्वीकार करने के लिए आधिकारिक प्रक्रिया शुरू हो सकती है, जिसके बाद पात्र लाभार्थियों को नवंबर से आर्थिक सहायता मिलनी शुरू हो जाएगी। इस योजना के अंतर्गत बेरोजगार स्नातकों (Graduates) को ₹3,000 प्रति माह और गैर-स्नातकों (Non-Graduates) को ₹2,000 प्रति माह की दर से वित्तीय भत्ता सीधे बैंक खातों में प्रदान किया जाएगा।
पुरानी योजनाओं का विलय, भत्ते की राशि हुई दोगुनी
चुनावी घोषणा पत्र में किए गए वादे के मुताबिक सरकार ने बेरोजगारी भत्ते की राशि को दोगुना कर दिया है। इससे पूर्व राज्य में संचालित 'युवाश्री' (श्रम विभाग के अधीन) और 'युवासाथी' (युवा कल्याण विभाग के अधीन) योजनाओं के तहत लाभार्थियों को प्रतिमाह ₹1,500 दिए जाते थे। नई सरकार ने इन दोनों योजनाओं का विलय कर 'युवाशक्ति' नाम से एकीकृत योजना तैयार की है। राज्य के वित्त मंत्री स्वपन दासगुप्त ने राज्य बजट में 'भरसा कर्मसूची' के तहत इस योजना के प्रावधानों की घोषणा की थी, जिसे अब युवा कल्याण विभाग के माध्यम से लागू किया जा रहा है।
पात्रता के लिए तय किए गए कड़े मानदंड
युवा कल्याण मंत्री इंद्रनील खां के अनुसार, सरकार युवाओं को रोजगार मिलने तक संबल प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है। हालांकि, योजना में पारदर्शिता बनाए रखने और फर्जीवाड़े को रोकने के लिए कई कड़े नियम निर्धारित किए गए हैं:
- शैक्षणिक योग्यता: आवेदक का न्यूनतम माध्यमिक (10वीं) पास होना अनिवार्य है।
- आयु सीमा: आवेदक की उम्र 21 से 40 वर्ष के बीच होनी चाहिए।
- आवास व नागरिकता: उम्मीदवार को पश्चिम बंगाल का स्थायी निवासी और भारत का नागरिक होना आवश्यक है।
- रोजगार की स्थिति: आवेदक पूरी तरह से बेरोजगार होना चाहिए। किसी भी निजी या सरकारी संस्थान में कार्यरत व्यक्ति इस योजना के लिए पात्र नहीं होंगे।
डोर-टू-डोर सत्यापन के बाद मिलेगी स्वीकृति
राज्य सरकार ने स्पष्ट किया है कि आवेदनों की जांच के लिए घर-घर जाकर भौतिक सत्यापन (Surveys) और डेटा ऑडिट किया जाएगा। सत्यापन प्रक्रिया में सभी मापदंड सही पाए जाने पर ही अभ्यर्थी का आवेदन स्वीकृत होगा। वर्तमान में योजना के लिए आधिकारिक ऑनलाइन पोर्टल तैयार किया जा रहा है, जिसे दुर्गा पूजा से पहले या 1 अक्टूबर तक सक्रिय (Launch) कर दिया जाएगा। आवेदन स्वीकृत होने के बाद राशि सीधे डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के माध्यम से बैंक खाते में भेजी जाएगी।