मध्यप्रदेश में प्रदुषण और कार्बन उत्सर्जन घटाने के लिए अच्छी पहल हो रही है। भोपाल-इंदौर के बीच जून महीने से मध्य प्रदेश सरकार पहली बार इलेक्ट्रिक बसें (E-BUS) चलाने जा रही है। फिलहाल 10 बसों से इसकी शुरुआत हो रही है और इसे दौड़ने का खर्च सिर्फ 12 रुपये प्रति किलोमीटर आएगा।
250 ई-व्हीकल चार्जिंग स्टेशन बनाए जाने की योजना है
सरकार की योजना मध्य प्रदेश के प्रमुख नगरों के बीच इलेक्ट्रिक बसें चलाने की है। शिवराज सरकार राज्य के प्रमुख नगरों में 300 किलोमीटर तक की दूरी के मध्य सार्वजनिक परिवहन के रुप में इलेक्ट्रिक बसों के संचालन की योजना बनाई है। इसके साथ ही ई-वाहन के उपयोग को सुगम बनाने के लिए यात्रा के दौरान भोपाल, इंदौर एवं जबलपुर जैसे संभागिय मुख्यालयों पर करीब 250 ई-व्हीकल चार्जिंग स्टेशन बनाए जाने की योजना है। इन स्टेशनों के लिए पेट्रोल पंप पर ही ये सुविधा उपलब्ध कराने के लिए चर्चा की जा रही है। इसके साथ ही बैट्री स्वैपिंग की सुविधा भी इन स्टेशनों पर उपलब्ध कराई जाएगी।
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इलेक्ट्रिक बस की खासियत
- इसकी शुरुआत 10 बसों से होगी। इसके बाद साल भर में 100 इलेक्ट्रिक बसें चलाई जाएगी।
- भोपाल-इंदौर के यात्रियों के लिए एयरपोर्ट पर लाउंज बनाए जाएंगे। इसमें फूड एंड बेवरेज की भी सुविधा मिलेगी।
- इलेक्ट्रिक बस में 1 किमी की दूरी तय करने में सवा यूनिट बिजली लगेगी, जिसकी लागत करीब 12 रुपये है। डीजल बसों में इसका खर्च 40 लाख रुपये के आसपास आता है।
- एस बस साल भर में दो लाख किमी चलेगीऔर 5 हजार टन कार्बन डाई ऑक्साइड का उत्सर्जन रोकेगी।
- एक बार की चार्जिंग में बस 250 किमी चलेगी। इसके चार्जिंग स्टेशन भोपाल इंदौर में होंगे
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