रायपुर - छत्तीसगढ़ में आदिवासी कांग्रेस की बैठक को लेकर सियासी हलचल बढ़ गई है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि पार्टी ने लंबे समय तक आदिवासी समाज को सिर्फ वोट बैंक के तौर पर इस्तेमाल किया। सीएम ने कहा कि अब जनजातीय समाज राजनीतिक दावों से ज्यादा विकास और सरकारी योजनाओं के आधार पर अपना फैसला लेने लगा है।
CM साय बोले- आदिवासी समाज अब कांग्रेस को समझ चुका है
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि कांग्रेस ने वर्षों तक आदिवासी समाज के नाम पर राजनीति की, लेकिन भाजपा सरकार जनजातीय समुदाय के विकास के लिए जमीन पर काम कर रही है। उन्होंने दावा किया कि आदिवासी समाज अब कांग्रेस की राजनीति और उसके दावों को समझ चुका है और आसानी से किसी के बहकावे में आने वाला नहीं है।
साय ने कहा कि भाजपा की प्राथमिकता जनजातीय क्षेत्रों का सर्वांगीण विकास और मूलभूत सुविधाओं का विस्तार करना है। उन्होंने केंद्र और राज्य सरकार की विभिन्न योजनाओं को आदिवासी समाज के लिए महत्वपूर्ण बताया।
अटल बिहारी वाजपेयी और आदिवासी मंत्रालय का किया जिक्र
मुख्यमंत्री ने पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी का जिक्र करते हुए कहा कि उनकी सरकार के दौरान अनुसूचित जनजाति समाज के लिए अलग मंत्रालय का गठन किया गया था। उन्होंने इसे जनजातीय समुदाय के सशक्तीकरण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया। साय ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि देश के सर्वोच्च संवैधानिक पद तक एक आदिवासी महिला का पहुंचना पूरे जनजातीय समाज के लिए गर्व और सम्मान की बात है।
PM जनमन योजना से दूरदराज इलाकों तक सुविधाएं
मुख्यमंत्री ने विशेष पिछड़ी जनजातियों के लिए केंद्र सरकार की पीएम जनमन योजना का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि योजना के माध्यम से दूरस्थ जनजातीय गांवों तक सड़क, आवास, राशन और दूसरी जरूरी सुविधाएं पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है। साय के मुताबिक, भाजपा सरकार की कोशिश है कि जनजातीय क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को विकास की मुख्यधारा से जोड़ा जाए और उन्हें बुनियादी सुविधाओं के लिए दूर न जाना पड़े।
इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय पेपर लीक मामले पर सख्त रुख
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय में कथित पेपर लीक के मामले को लेकर भी कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने कहा कि पूरे मामले की जांच कराई जाएगी और जांच में जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। बताया जा रहा है कि विश्वविद्यालय में बीएससी प्रथम वर्ष के ‘फंडामेंटल ऑफ जेनेटिक्स’ विषय के प्रश्नपत्र के परीक्षा से पहले लीक होने का दावा सामने आया है। इस मामले ने परीक्षा व्यवस्था और प्रश्नपत्र की गोपनीयता को लेकर सवाल खड़े किए हैं। हालांकि, पेपर लीक के दावे की अंतिम पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि परीक्षा से जुड़े मामलों में किसी भी स्तर की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
BJP की मैराथॉन बैठकों पर CM ने दिया जवाब
भाजपा में लगातार हो रही मैराथॉन बैठकों को लेकर पूछे गए सवाल पर मुख्यमंत्री साय ने इसे पार्टी की सामान्य संगठनात्मक प्रक्रिया बताया। उन्होंने कहा कि संगठन को मजबूत करने के लिए पार्टी में नियमित रूप से बैठकें होती रहती हैं। मुख्यमंत्री के मुताबिक, कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों के साथ संवाद, संगठन की समीक्षा और आगामी गतिविधियों को लेकर चर्चा लगातार चलती रहती है।
दो दिवसीय जशपुर दौरे पर CM साय
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय दो दिवसीय जशपुर दौरे के लिए रवाना हुए। उन्होंने बताया कि दौरे के दौरान वह अपने विधानसभा क्षेत्र में विभिन्न कार्यक्रमों में शामिल होंगे और विकास कार्यों की समीक्षा करेंगे। दौरे में कई परियोजनाओं के लोकार्पण और भूमिपूजन का कार्यक्रम प्रस्तावित है। मुख्यमंत्री पंडरीपानी में स्टेट बैंक की नई शाखा का शुभारंभ करेंगे। इसके अलावा महतारी वंदन योजना भवन का भी लोकार्पण किया जाएगा।
आदिवासी मुद्दों पर कांग्रेस-BJP आमने-सामने
छत्तीसगढ़ में आदिवासी राजनीति को लेकर कांग्रेस और भाजपा के बीच आरोप-प्रत्यारोप लगातार तेज हो रहे हैं। कांग्रेस आदिवासी समाज से जुड़े मुद्दों को लेकर सरकार को घेरने की तैयारी में है, जबकि मुख्यमंत्री साय भाजपा सरकार की योजनाओं और विकास कार्यों को सामने रखकर कांग्रेस पर पलटवार कर रहे हैं। CM साय का ताजा बयान इसी राजनीतिक खींचतान की कड़ी माना जा रहा है। आने वाले दिनों में आदिवासी समाज से जुड़े मुद्दे प्रदेश की राजनीति में और ज्यादा महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। वहीं, कृषि विश्वविद्यालय के कथित पेपर लीक मामले में जांच की प्रगति पर विद्यार्थियों और अभिभावकों की नजर बनी हुई है।