पूर्व सीएम कमलनाथ ने मध्यप्रदेश के विद्यार्थियों को परीक्षा को लेकर संदेश दिया है।पूर्व सीएम कमलनाथ ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा यह समय बच्चों के लिए जितना महत्वपूर्ण है, उतना ही संवेदनशील भी। कॉपियाँ, किताबें, रिवीजन, टाइम टेबल इन सबके बीच मन में घबराहट होना स्वाभाविक है। लेकिन याद रखिए, परीक्षा जीवन की अंतिम कसौटी नहीं, बल्कि आगे बढ़ने का एक साधारण पड़ाव है।
परीक्षाएं रास्ता हैं, मंजिल नहीं
सबसे पहले बच्चों से कहना है, डर को दिल से बाहर निकाल दीजिए। आपने जितनी तैयारी की है, वही आपकी ताकत है। प्रश्नपत्र आपके आत्मविश्वास की परीक्षा ले सकता है, लेकिन आपके व्यक्तित्व की नहीं। परिणाम आपकी बुद्धिमत्ता का प्रमाणपत्र नहीं होते, वे केवल यह बताते हैं कि आपने उस समय कितनी तैयारी की थी। इंसान की असली पहचान उसके साहस, ईमानदारी और निरंतर प्रयास से बनती है।परीक्षाएं रास्ता हैं, मंजिल नहीं। अगर कभी परिणाम उम्मीद के मुताबिक न आएँ, तो उसे जीवन का अंत मत समझिए। असफलता केवल एक अल्पविराम है, पूर्ण विराम नहीं। एक बार चूक हो जाए, तो दोबारा मेहनत कीजिए, रणनीति बदलिए और फिर से चल पड़िए। जिस दिन आप फिर से प्रयास शुरू कर देंगे, उसी दिन मंजिल आपके करीब आने लगेगी।
अभिभावकों से दबाव न बनाने की अपील
कई लोग कहते हैं कि फेल हो गए तो साल बर्बाद हो जाएगा। सच यह है कि जीवन सालों से नहीं, खुशियों और सीख से चलता है। एक वर्ष का अंतराल आपके पूरे जीवन का निर्णय नहीं करता। अगर मंजिल स्पष्ट है, तो वहाँ पहुँचने में थोड़ा विलंब भी हो जाए, तो उसे स्वीकार कीजिए। हो सकता है, यही ठहराव आपको और मजबूत बना दे। जीवन लंबी दौड़ है, यहाँ धैर्य ही असली जीत दिलाता है।अब माता पिता से एक विनम्र आग्रह। बच्चों पर अनावश्यक दबाव न डालें। उनकी तुलना किसी और से न करें। हर बच्चा अलग है, उसकी गति, उसकी रुचि, उसकी क्षमता अलग है। परीक्षा के इन दिनों में उन्हें अंक नहीं, आपका भरोसा चाहिए। घर का माहौल जितना शांत और सकारात्मक रहेगा, बच्चा उतना ही अच्छा प्रदर्शन कर पाएगा। उनसे यह कहिए, हम तुम्हारे साथ हैं, परिणाम चाहे जो भी हो।
सफलता का रास्ता सीधा नहीं होता
बच्चों, अपने मन को हल्का रखिए। परीक्षा के बाद प्रश्नपत्र पर चर्चा करने के बजाय अगले पेपर पर ध्यान दीजिए। पर्याप्त नींद लें, हल्का भोजन करें, थोड़ी देर टहलें और गहरी साँस लेकर खुद को शांत रखें। यह सोचकर खुश रहिए कि जो भी परिणाम आएगा, आप उसे स्वीकार करने और जरूरत पड़ने पर बदलने की क्षमता रखते हैं।याद रखिए, सफलता का रास्ता सीधा नहीं होता। कहीं मोड़ आएँगे, कहीं रुकावटें होंगी, कहीं थोड़ा विलंब भी होगा। लेकिन अगर इरादा मजबूत है, तो हर ठहराव आपको और परिपक्व बनाएगा।आप सभी विद्यार्थियों को ढेरों शुभकामनाएँ। पूरे आत्मविश्वास के साथ परीक्षा दीजिए। परिणाम चाहे जैसा भी हो, आपका भविष्य उज्ज्वल है, क्योंकि असली ताकत आपके भीतर है।