इस्लामाबाद: पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में अहम शांति वार्ता शुरू होने जा रही है। इस बातचीत में ईरान और अमेरिका के बीच लंबे समय से जारी टकराव को कम करने की कोशिश की जाएगी। हालांकि वार्ता से पहले ही एक ऐसी तस्वीर सामने आई है जिसने दुनिया भर का ध्यान खींच लिया।
दरअसल, ईरानी प्रतिनिधिमंडल जब इस्लामाबाद के लिए रवाना हुआ तो उनके विमान में उन बच्चों के खून से सने बैग, जूते और तस्वीरें रखी गईं, जो मिनाब के एक स्कूल पर हुए मिसाइल हमले में मारे गए थे। इस प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व ईरान के वरिष्ठ नेता मोहम्मद बाघेर गालिबाफ और विदेश मंत्री अब्बास अराघची कर रहे हैं।
मिनाब हमले की गूंज
ईरान के दक्षिणी होर्मोज़गन प्रांत के मिनाब शहर में स्थित एक स्कूल पर हुए हमले में 165 से अधिक लोगों की जान चली गई थी, जिनमें बड़ी संख्या में बच्चे शामिल थे। यह हमला कथित तौर पर टॉमहॉक मिसाइल से किया गया था। इस घटना ने पूरे क्षेत्र में आक्रोश और संवेदनशीलता को बढ़ा दिया है।
सोशल मीडिया पर संदेश
ईरानी संसद अध्यक्ष ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक भावुक तस्वीर साझा की, जिसमें वे बच्चों की तस्वीरों को देखते नजर आए। विमान की सीटों पर रखे बैग और फूल इस बात का प्रतीक थे कि ये मासूम भी शांति वार्ता का हिस्सा हैं। इस कदम को अमेरिका पर नैतिक दबाव बनाने की कोशिश माना जा रहा है।
शांति वार्ता पर टिकी नजरें
इस्लामाबाद में होने वाली इस बैठक को क्षेत्रीय स्थिरता के लिहाज से बेहद अहम माना जा रहा है। हालांकि, सूत्रों के मुताबिक ईरान इस वार्ता में सख्त रुख अपनाए हुए है और पहले से तय कुछ मुद्दों—जैसे लेबनान में सीजफायर और फंसी हुई संपत्तियों की रिहाई—पर अभी तक सहमति लागू नहीं हो पाई है।
अमेरिका का रुख
अमेरिका की ओर से इस वार्ता को लेकर सकारात्मक संकेत दिए गए हैं। पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बातचीत को अहम बताते हुए अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल को शुभकामनाएं दी हैं। वहीं अमेरिका ने यह भी साफ किया है कि वह होर्मुज जलडमरूमध्य की स्थिति पर नजर बनाए हुए है।
क्या है पूरा मामला?
कुल मिलाकर, एक तरफ कूटनीतिक प्रयास तेज हैं तो दूसरी तरफ जमीनी हालात और पुराने विवाद शांति की राह को कठिन बना रहे हैं। मिनाब हमले की दर्दनाक यादें इस वार्ता पर गहरा असर डाल रही हैं और अब पूरी दुनिया की नजर इस्लामाबाद में हो रही इस बातचीत पर टिकी है।