भोपाल। मध्यप्रदेश में मानसून एक बार फिर सक्रिय हो गया है। प्रदेश के कई हिस्सों में तेज बारिश के चलते जनजीवन प्रभावित हुआ है। राजधानी भोपाल में बीते 24 घंटे के दौरान भारी बारिश दर्ज की गई, जिसके बाद शहर के कई इलाकों में जलभराव की स्थिति बन गई। रेलवे ट्रैक से लेकर मंदिर, पुलिस थाने और रिहायशी क्षेत्रों तक पानी पहुंच गया है। लगातार बिगड़ते मौसम को देखते हुए भोपाल में कल सभी स्कूलों में अवकाश घोषित किया गया है।
बच्चों की सुरक्षा को देखते हुए स्कूलों में छुट्टी
मौसम के बिगड़े हालात और भारी बारिश की आशंका को देखते हुए भोपाल में अगले दिन सभी स्कूल बंद रखने का फैसला किया गया है। बच्चों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए स्कूलों में अवकाश घोषित किया गया है।प्रशासन की ओर से लोगों से अपील की गई है कि बहुत जरूरी होने पर ही घर से बाहर निकलें और जलभराव वाले रास्तों से गुजरने से बचें।

भोपाल में 24 घंटे में 7 इंच बारिश
राजधानी भोपाल में बारिश ने इस सीजन में अब तक के कई रिकॉर्ड पीछे छोड़ दिए हैं। पिछले 24 घंटे में शहर में करीब 7 इंच बारिश दर्ज की गई। लगातार हुई बारिश के कारण शहर के कई निचले इलाकों में पानी भर गया।भोपाल के सेमरा इलाके में स्थिति ज्यादा गंभीर बताई जा रही है। यहां करीब 200 घरों के आसपास 5 से 6 फीट तक पानी जमा हो गया। पानी घरों तक पहुंचने के कारण कई परिवारों के सामने बाहर निकलने का संकट पैदा हो गया और लोग अपने घरों में ही फंसे रहे।शहर के कुछ हिस्सों में सड़कों पर पानी भरने से यातायात भी प्रभावित हुआ। कई स्थानों पर जलनिकासी व्यवस्था पर भारी दबाव देखने को मिला।
रेलवे ट्रैक, मंदिर और थाने तक पहुंचा पानी
भारी बारिश के कारण भोपाल में सिर्फ रिहायशी इलाके ही नहीं, बल्कि सार्वजनिक स्थान भी जलभराव की चपेट में आ गए। कई जगह रेलवे ट्रैक के आसपास पानी जमा हो गया। मंदिर और पुलिस थाने तक पानी पहुंचने की सूचना है।लगातार बारिश के कारण शहर के निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है। प्रशासन की टीमें जलभराव वाले इलाकों पर नजर बनाए हुए हैं।
सीहोर और शाजापुर में कई रास्ते बंद
भोपाल के अलावा सीहोर और शाजापुर जिलों में भी भारी बारिश के चलते हालात चुनौतीपूर्ण हो गए हैं। कई जगह नदियों और नालों का जलस्तर तेजी से बढ़ने के कारण रास्तों पर पानी आ गया है। इससे कुछ मार्गों पर आवागमन रोकना पड़ा है।शाजापुर में कालीसिंध नदी उफान पर है। नदी के बढ़ते जलस्तर ने आसपास के इलाकों में चिंता बढ़ा दी है। नदी किनारे बसे क्षेत्रों में पानी भरने का खतरा लगातार बना हुआ है।
विदिशा में बाढ़ के बीच 17 लोगों का रेस्क्यू
विदिशा जिले में भी भारी बारिश का असर देखने को मिला। यहां बेतवा नदी का जलस्तर बढ़ने के कारण कई इलाकों में बाढ़ जैसे हालात बने।बाढ़ के पानी में बच्चों समेत करीब 17 लोग फंस गए थे, जिन्हें राहत और बचाव टीम ने सुरक्षित बाहर निकाला। प्रशासन ने संवेदनशील क्षेत्रों में निगरानी बढ़ा दी है।लगातार बारिश के कारण नदी किनारे रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।
रायसेन में पुल के ऊपर से बह रहा पानी
रायसेन जिले में भी बारिश ने मुश्किलें बढ़ा दी हैं। यहां एक पुल के बह जाने की सूचना है। घोड़ा पछाड़ नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ा है और पुल के करीब 8 फीट ऊपर से पानी बहने की स्थिति बताई जा रही है।पुल क्षतिग्रस्त होने और पानी का बहाव तेज होने के कारण कई गांवों का संपर्क प्रभावित हो गया है। प्रशासन ने लोगों को नदी और पुल के आसपास जाने से बचने की सलाह दी है।
शाजापुर में कालीसिंध नदी का जलस्तर बढ़ा
शाजापुर में लगातार बारिश के कारण कालीसिंध नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ा है। नदी के उफान पर आने के बाद आसपास के क्षेत्रों में जलभराव का खतरा बढ़ गया है।नदी के किनारे रहने वाले लोगों को सतर्क किया गया है। प्रशासन संभावित बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों पर नजर बनाए हुए है और जरूरत पड़ने पर लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने की तैयारी की जा रही है।
मध्यप्रदेश में कई जगह बाढ़ जैसे हालात
प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में एक साथ तेज बारिश होने के कारण कई नदियों का जलस्तर बढ़ा है। निचले इलाकों में पानी भरने और संपर्क मार्ग प्रभावित होने की घटनाएं सामने आ रही हैं।भोपाल में भारी बारिश के बाद जहां शहरी जलभराव ने परेशानी बढ़ाई है, वहीं विदिशा, शाजापुर और रायसेन जैसे जिलों में नदी-नालों के उफान ने ग्रामीण क्षेत्रों में बाढ़ का खतरा बढ़ाया है।प्रशासन की प्राथमिकता प्रभावित लोगों को सुरक्षित रखना है। संवेदनशील इलाकों में राहत-बचाव दलों को सक्रिय रखा गया है और स्थिति के अनुसार लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने की तैयारी की जा रही है।
लोगों से सावधानी बरतने की अपील
भारी बारिश के बीच प्रशासन और स्थानीय अधिकारियों ने लोगों से सावधानी बरतने की अपील की है। खासकर नदी, नाले, पुल और जलाशयों के आसपास जाने से बचने को कहा गया है। जलभराव वाले रास्तों पर वाहन लेकर जाने से भी लोगों को परहेज करने की सलाह दी गई है।
मध्यप्रदेश में सक्रिय बारिश के इस सिस्टम के चलते आने वाले समय में भी कई जिलों में तेज बारिश की संभावना बनी हुई है। ऐसे में प्रशासन ने संवेदनशील इलाकों पर निगरानी बढ़ा दी है और लोगों से मौसम संबंधी अपडेट पर नजर रखने को कहा है।