भोपाल। मध्यप्रदेश सरकार ने राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग में नई नियुक्ति करते हुए मौसम बिसेन को आयोग का सदस्य नियुक्त किया है। पिछड़ा वर्ग तथा अल्पसंख्यक कल्याण विभाग की ओर से इस संबंध में 10 अगस्त 2026 को आधिकारिक आदेश जारी किया गया। नियुक्ति के साथ ही मौसम बिसेन को प्रदेश में पिछड़े वर्गों से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर काम करने वाली संवैधानिक संस्था में जिम्मेदारी मिली है।
राज्य सरकार ने जारी किया नियुक्ति आदेश
मध्यप्रदेश शासन के पिछड़ा वर्ग तथा अल्पसंख्यक कल्याण विभाग द्वारा जारी आदेश में बताया गया है कि मौसम बिसेन की नियुक्ति मध्यप्रदेश राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग अधिनियम, 1995 (यथा संशोधित 2021) की धारा 3(2) के तहत की गई है। सरकार ने अधिनियम के तहत प्राप्त शक्तियों का उपयोग करते हुए उन्हें आयोग के सदस्य पद पर नियुक्त किया है।
यह नियुक्ति ऐसे समय में हुई है जब प्रदेश में पिछड़े वर्गों से संबंधित सामाजिक, शैक्षणिक और आर्थिक मुद्दों पर लगातार चर्चा होती रही है। राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग इन वर्गों से जुड़े मामलों के अध्ययन और उनकी समस्याओं के संबंध में शासन को सुझाव एवं अनुशंसाएं देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
तीन वर्ष या आगामी आदेश तक रहेगा कार्यकाल
सरकारी आदेश के अनुसार मौसम बिसेन का कार्यकाल तीन वर्ष अथवा आगामी आदेश तक, जो भी पहले हो, रहेगा। यानी सरकार की ओर से कोई नया आदेश जारी होने या निर्धारित अवधि पूरी होने तक वह आयोग की सदस्य के रूप में अपनी जिम्मेदारी निभाएंगी।
नियुक्ति के साथ आयोग के कामकाज में उनकी भूमिका महत्वपूर्ण रहेगी। आयोग के समक्ष आने वाले पिछड़ा वर्ग से जुड़े विभिन्न विषयों, शिकायतों और नीतिगत मामलों पर विचार-विमर्श में सदस्य के तौर पर उनकी भागीदारी होगी।
पिछड़ा वर्ग आयोग की भूमिका क्या है?
मध्यप्रदेश राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग प्रदेश में पिछड़े वर्गों से संबंधित विषयों पर महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। आयोग पिछड़े वर्गों के सामाजिक एवं शैक्षणिक हितों से जुड़े मामलों पर विचार करता है और आवश्यकता के अनुसार शासन को सुझाव तथा अनुशंसाएं देता है।पिछड़े वर्गों से संबंधित शिकायतों, नीतियों और विभिन्न मुद्दों के अध्ययन के लिहाज से भी आयोग की भूमिका महत्वपूर्ण मानी जाती है। ऐसे में आयोग के सदस्य के रूप में मौसम बिसेन के सामने भी इन विषयों से जुड़े मामलों पर काम करने की जिम्मेदारी होगी।