उज्जैन। भगवान महाकाल की विश्व प्रसिद्ध भस्म आरती में दर्शन की अनुमति को लेकर महाकाल मंदिर समिति ने बड़ा फैसला लिया है। अब एक मोबाइल नंबर और एक आधार कार्ड से तीन महीने में केवल एक बार ही भस्म आरती की अनुमति मिल सकेगी। यह नियम आम श्रद्धालुओं के साथ-साथ प्रोटोकॉल श्रेणी के दर्शनार्थियों पर भी लागू होगा। मंदिर समिति का कहना है कि इससे भस्म आरती की बुकिंग प्रक्रिया अधिक पारदर्शी बनेगी और अधिक से अधिक श्रद्धालुओं को दर्शन का अवसर मिल सकेगा।
भस्म आरती में बार-बार बुकिंग पर लगी रोक
मंदिर समिति को लगातार शिकायतें मिल रही थीं कि कुछ श्रद्धालु और प्रोटोकॉल श्रेणी के लोग बार-बार ऑनलाइन अनुमति लेकर भस्म आरती में शामिल हो रहे हैं, जबकि आम भक्तों को महीनों तक स्लॉट नहीं मिल पाता। इसी को देखते हुए समिति ने पुराने नियम को फिर से सख्ती के साथ लागू कर दिया है। अब एक बार अनुमति मिलने के बाद उसी मोबाइल नंबर से दोबारा आवेदन करने के लिए 90 दिन का इंतजार करना होगा।
2024 में भी लागू हुआ था यह नियम
इससे पहले वर्ष 2024 में तत्कालीन कलेक्टर नीरज सिंह ने भी भस्म आरती बुकिंग में अनियमितताओं और शिकायतों को देखते हुए एक आधार कार्ड और एक मोबाइल नंबर से तीन महीने में केवल एक बार अनुमति का नियम लागू किया था। हालांकि कुछ समय बाद इस व्यवस्था को प्रभावी रूप से लागू नहीं किया गया। अब दोबारा शिकायतें बढ़ने के बाद मंदिर प्रशासन ने इसे फिर से सख्ती के साथ लागू कर दिया है।
मंदिर प्रशासन ने दी सफाई
महाकाल मंदिर के प्रशासक प्रथम कौशिक ने स्पष्ट किया कि यह कोई नया नियम नहीं है, बल्कि पहले से मौजूद व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि भस्म आरती में सभी श्रद्धालुओं को समान अवसर मिले और कुछ लोगों द्वारा बार-बार बुकिंग कर सीटें कब्जाने की प्रवृत्ति पर रोक लग सके।
आम श्रद्धालुओं को मिलेगा फायदा
मंदिर समिति का मानना है कि नए नियम से उन भक्तों को राहत मिलेगी जो लंबे समय से भस्म आरती के दर्शन के लिए स्लॉट मिलने का इंतजार करते हैं। अब एक ही व्यक्ति द्वारा बार-बार बुकिंग करने की संभावना कम होगी और अधिक श्रद्धालु इस विशेष आरती में शामिल हो सकेंगे। इससे भस्म आरती की अनुमति प्रक्रिया में पारदर्शिता और निष्पक्षता भी बढ़ेगी।
क्या बदला नए नियम में?
अब एक मोबाइल नंबर और एक आधार कार्ड से तीन महीने में केवल एक बार ही भस्म आरती की अनुमति मिलेगी। यह नियम आम श्रद्धालुओं और प्रोटोकॉल श्रेणी दोनों पर समान रूप से लागू रहेगा। मंदिर प्रशासन का उद्देश्य भस्म आरती में सभी भक्तों को समान अवसर उपलब्ध कराना और बुकिंग प्रक्रिया को अधिक व्यवस्थित बनाना है।