मध्यप्रदेश में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए भोपाल, इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर और जबलपुर में टूरिस्ट बस सेवा शुरू करने की तैयारी की जा रही है। मध्यप्रदेश पर्यटन बोर्ड ने इन पांच शहरों और आसपास के प्रमुख पर्यटन स्थलों को एक सर्किट में जोड़कर सिटी टूर शुरू करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
इस योजना के तहत पर्यटक एक ही बस से शहर के कई प्रमुख पर्यटन स्थलों की सैर कर सकेंगे। सिटी टूर का अधिकतम किराया सभी टैक्स सहित 300 रुपये प्रति यात्री तय किया गया है।
पांच शहरों में शुरू होगी टूरिस्ट बस सेवा
मध्यप्रदेश पर्यटन बोर्ड निजी ऑपरेटरों के माध्यम से भोपाल, इंदौर, जबलपुर, ग्वालियर और उज्जैन में पर्यटन बसें चलाने की तैयारी कर रहा है। इसका उद्देश्य शहरों के प्रमुख पर्यटन स्थलों के साथ आसपास के आकर्षणों को भी एक ही टूर सर्किट में जोड़ना है।इस योजना में ग्वालियर का टूरिस्ट सर्किट सबसे खास माना जा रहा है, क्योंकि इसमें शहर के प्रमुख ऐतिहासिक स्थलों के साथ मुरैना के प्रसिद्ध मंदिरों को भी शामिल किया गया है।
ग्वालियर टूर में किला से लेकर मितावली-पड़ावली तक
ग्वालियर के प्रस्तावित सिटी टूर में कई ऐतिहासिक और धार्मिक स्थलों को शामिल किया गया है। इसमें प्रमुख रूप से:
ग्वालियर किला
जयविलास पैलेस एवं संग्रहालय
सूर्य मंदिर
फूलबाग
तानसेन की समाधि
मुरैना के मितावली मंदिर
पड़ावली के मंदिर
इस सर्किट से पर्यटकों को ग्वालियर के ऐतिहासिक स्थलों के साथ आसपास के महत्वपूर्ण पर्यटन स्थलों तक पहुंचने में आसानी होगी।
भोपाल में इन पर्यटन स्थलों का होगा सिटी टूर
राजधानी भोपाल के लिए तैयार किए गए सर्किट में शहर के प्रमुख प्राकृतिक, धार्मिक और सांस्कृतिक स्थलों को जोड़ा गया है।भोपाल टूर में अपर लेक, वन विहार, सैर सपाटा, ट्राइबल म्यूजियम, बिरला मंदिर और इंदिरा गांधी संग्रहालय को शामिल किया गया है।यानी पर्यटक एक ही टूर के जरिए भोपाल के अलग-अलग तरह के प्रमुख आकर्षणों को देख सकेंगे।
इंदौर में राजवाड़ा से पातालपानी तक घूम सकेंगे
इंदौर के प्रस्तावित टूरिस्ट सर्किट में शहर की ऐतिहासिक विरासत के साथ प्राकृतिक पर्यटन स्थलों को भी जगह दी गई है।इसमें राजवाड़ा, कृष्णपुरा छतरी, कांच मंदिर, रालामंडल वन्यजीव अभयारण्य, लालबाग और पातालपानी शामिल हैं।इस सर्किट में इंदौर शहर के प्रमुख दर्शनीय स्थलों के साथ आसपास के लोकप्रिय पर्यटन स्थल भी कवर होंगे।
जबलपुर में भेड़ाघाट और धुआंधार फॉल प्रमुख आकर्षण
जबलपुर के सिटी टूर में प्राकृतिक और ऐतिहासिक पर्यटन को प्रमुखता दी गई है। प्रस्तावित रूट में:
भेड़ाघाट
धुआंधार फॉल
मदन महल फोर्ट
ग्वारीघाट
इससे पर्यटकों को जबलपुर के प्रमुख प्राकृतिक और ऐतिहासिक स्थलों को एक ही टूर में देखने का मौका मिलेगा।
उज्जैन में महाकाल से जंतर-मंतर तक टूर
उज्जैन के पर्यटन सर्किट में धार्मिक, ऐतिहासिक और सांस्कृतिक महत्व वाले कई प्रमुख स्थानों को जोड़ा गया है।
इसमें महाकालेश्वर मंदिर, श्री महाकाल महालोक, हरसिद्धि मंदिर, रामघाट, कालभैरव, मंगलनाथ मंदिर, जंतर-मंतर और त्रिवेणी संग्रहालय शामिल हैं।धार्मिक पर्यटन के लिए प्रसिद्ध उज्जैन आने वाले यात्रियों के लिए यह सिटी टूर कई प्रमुख स्थलों तक पहुंच आसान कर सकता है।
अधिकतम 300 रुपये होगा टिकट
पर्यटन बस सेवा का किराया बाजार की स्थिति के अनुसार तय किया जा सकेगा, लेकिन टेंडर की शर्तों के अनुसार सभी करों सहित अधिकतम टिकट दर 300 रुपये प्रति यात्री से ज्यादा नहीं होगी।इससे पर्यटकों को कम खर्च में एक ही बस से कई प्रमुख पर्यटन स्थलों की यात्रा करने का विकल्प मिलेगा।
सुबह 8:30 से शाम 6:30 बजे तक चलेगी बस
प्रस्तावित पर्यटन बस सेवा का संचालन सुबह 8:30 बजे से शाम 6:30 बजे तक किया जाएगा। बसों का संचालन सप्ताह में छह दिन करना अनिवार्य होगा।पर्यटन बोर्ड द्वारा निजी ऑपरेटरों से बस सेवा संचालित करने के लिए प्रस्ताव मांगे गए हैं। टिकट से मिलने वाला राजस्व संबंधित निजी ऑपरेटर को मिलेगा।
मध्यप्रदेश पर्यटन विकास बोर्ड के प्रबंध निदेशक इलैया राजा टी के मुताबिक प्रदेश के पांच शहरों में पर्यटन बसें चलाने की योजना तैयार की गई है और इसके लिए प्रक्रिया जारी है। बसों के संचालन के लिए ऑपरेटरों से प्रस्ताव मांगे गए हैं।
पर्यटकों के लिए क्या होगा फायदा?
इस योजना के लागू होने के बाद भोपाल, इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर और जबलपुर आने वाले पर्यटकों को अलग-अलग वाहन या टैक्सी की व्यवस्था करने की जरूरत कम हो सकती है। एक निर्धारित सिटी टूर के जरिए कई पर्यटन स्थलों तक पहुंचने का विकल्प मिलेगा।