शिलांग/मेघालय: मेघालय में तृणमूल कांग्रेस (TMC) के संगठन को लेकर चल रही चर्चाओं और नेताओं के संभावित पाला बदलने की अटकलों के बीच पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष एवं नोंगथिम्मई से विधायक चार्ल्स पिंग्रोप ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने पार्टी के कमजोर होने की खबरों को खारिज करते हुए कहा कि मेघालय में तृणमूल कांग्रेस पूरी तरह मौजूद और एकजुट है। पिंग्रोप ने स्पष्ट शब्दों में दावा किया कि मेघालय में वही TMC का वास्तविक नेतृत्व कर रहे हैं और पार्टी आगामी 2028 विधानसभा चुनाव में अपने दम पर राजनीतिक मैदान में उतरेगी।
शिलांग लोकसभा उपचुनाव में उम्मीदवार नहीं उतारेगी TMC
मेघालय TMC ने फिलहाल शिलांग लोकसभा सीट के प्रस्तावित उपचुनाव से दूरी बनाने का फैसला किया है। पार्टी की रणनीतिक बैठक के बाद चार्ल्स पिंग्रोप ने कहा कि मौजूदा परिस्थितियों में उपचुनाव के लिए पार्टी के पास ऐसा उपयुक्त उम्मीदवार नहीं है, जिसे मैदान में उतारा जा सके। उन्होंने यह भी बताया कि कांग्रेस समेत कुछ राजनीतिक दलों ने TMC से संपर्क कर समर्थन मांगा है। हालांकि, पार्टी ने अभी यह तय नहीं किया है कि वह किसी दल के पक्ष में जाएगी या चुनाव में तटस्थ रहेगी।
'राजनीति में हालात बदलते रहते हैं'
मेघालय में TMC के घटते जनाधार और पार्टी नेताओं के दूसरे दलों में जाने की खबरों पर पिंग्रोप ने कहा कि राजनीति में परिस्थितियां स्थायी नहीं होतीं। उनका कहना है कि यदि आने वाले समय में मेघालय की जनता किसी व्यवहारिक तीसरे विकल्प की तलाश करती है, तो TMC खुद को उस विकल्प के तौर पर फिर से स्थापित करने की कोशिश करेगी। पिंग्रोप ने यह भी साफ किया कि वह 2028 का विधानसभा चुनाव TMC के चुनाव चिह्न पर ही लड़ेंगे। पार्टी ने जमीनी स्तर पर संगठन को दोबारा मजबूत करने की प्रक्रिया शुरू करने का दावा किया है।
2021 में कांग्रेस के 12 विधायक TMC में आए थे
मेघालय में TMC के विस्तार की शुरुआत 2021 में हुई थी, जब तत्कालीन कांग्रेस नेता और पूर्व मुख्यमंत्री मुकुल संगमा तथा चार्ल्स पिंग्रोप के नेतृत्व में कांग्रेस के 12 विधायक तृणमूल कांग्रेस में शामिल हो गए थे। इस बड़े राजनीतिक घटनाक्रम के बाद TMC मेघालय विधानसभा में प्रमुख विपक्षी ताकत के रूप में उभरी थी। हालांकि, 2023 के विधानसभा चुनाव के बाद कई नेताओं के पार्टी छोड़ने से संगठन को बड़ा झटका लगा। इसके बावजूद चार्ल्स पिंग्रोप का ताजा बयान संकेत देता है कि मेघालय TMC तत्काल राजनीतिक मैदान छोड़ने के मूड में नहीं है और पार्टी की नजर अब 2028 विधानसभा चुनाव पर है।
2028 पर TMC की नजर, संगठन मजबूत करने की तैयारी
पार्टी के भीतर जारी चर्चाओं के बीच पिंग्रोप का रुख फिलहाल स्पष्ट है—TMC मेघालय में अपनी राजनीतिक पहचान बनाए रखने और अगले विधानसभा चुनाव तक संगठन को मजबूत करने की कोशिश करेगी। शिलांग उपचुनाव से पीछे हटने के बावजूद 2028 विधानसभा चुनाव लड़ने की घोषणा यह संकेत देती है कि पार्टी मेघालय में लंबी राजनीतिक लड़ाई की तैयारी कर रही है।