बेंगलुरु और आईआईटी कानपुर की ओर से समर्थित डीप टेक स्टार्टअप एक्सटेरा रोबोटिक्स ने इतिहास रचते हुए भारत का पहला पूरी तरह से स्वदेशी हाइब्रिड व्हील्ड क्वाड्रपड रोबोट डॉग डीएचएवी-हाई पेश किया है। इस हाईटेक रोबोट डॉग को पूरी तरह भारत में ही डिजाइन, इंजीनियर और निर्मित किया गया है। आईआईटी कानपुर से इनक्यूबेटेड इस स्टार्टअप ने स्वदेशी रोबोटिक्स तकनीक का उपयोग कर इसे तैयार किया है। यह उपलब्धि भारत की रोबोटिक्स क्षमता को नई ऊंचाई प्रदान करती है और आत्मनिर्भरता की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
पहिए और पैर दोनों की अनूठी क्षमता
डीएचएवी-हाई रोबोट डॉग के पहिए और पैर दोनों हैं। जरूरत के हिसाब से यह दोनों तरीकों से चल सकता है। पहियों वाले वर्जन पर पिछले 3 महीनों से रिसर्च और डेवलपमेंट का काम चल रहा था। यह खूबी इसे अलग-अलग तरह के इलाकों में काम करने के योग्य बनाती है। सीढ़ियों से लेकर ऊबड़-खाबड़ रास्तों तक यह आसानी से कोई भी काम कर सकता है। पहाड़ हो या ढलान, यह रोबोट डॉग बिना रुके आगे बढ़ने में सक्षम है। इसकी हाइब्रिड प्रकृति इसे पारंपरिक रोबोट्स से कहीं अधिक बहुउपयोगी बनाती है।
स्पीड और वजन उठाने की ताकत
यह रोबोट डॉग 18 किलोमीटर प्रति घंटे की स्पीड से तेज दौड़ सकता है। साथ ही 10 किलो तक का वजन उठाने में सक्षम है। इन क्षमताओं के कारण यह सुरक्षा, निगरानी और औद्योगिक निरीक्षण जैसे कामों में प्रभावी भूमिका निभा सकता है। तेज गति और वजन वहन की क्षमता इसे व्यावहारिक अनुप्रयोगों के लिए उपयुक्त बनाती है। विभिन्न परिस्थितियों में अपनी स्थिरता बनाए रखते हुए यह कार्य कर सकता है। इसकी फुर्ती और मजबूती ने इसे भारतीय रोबोटिक्स क्षेत्र में उल्लेखनीय उत्पाद बना दिया है।
किन क्षेत्रों में होगा इस्तेमाल
बताया जा रहा है कि इस रोबोट डॉग का इस्तेमाल सिक्योरिटी, सर्विलांस और इंडस्ट्रियल इंस्पेक्शन जैसे कामों में किया जा सकता है। अलग-अलग तरह के इलाकों में काम करने के लिए इसे विशेष रूप से डिजाइन किया गया है। ऊबड़-खाबड़ रास्ते, सीढ़ियां और ढलान पार करने की क्षमता के कारण यह उन जगहों पर भी पहुंच सकता है जहां सामान्य वाहन या रोबोट नहीं पहुंच पाते। सुरक्षा बलों और औद्योगिक इकाइयों के लिए यह एक विश्वसनीय सहायक साबित हो सकता है। इसकी बहुमुखी प्रतिभा इसे कई क्षेत्रों में उपयोगी बनाती है।
पूरी तरह स्वदेशी डिजाइन और भविष्य की संभावनाएं
डीएचएवी-हाई को आईआईटी कानपुर से इनक्यूबेटेड डीप-टेक स्टार्टअप एक्सटेरा रोबोटिक्स ने अपनी स्वदेशी रोबोटिक्स टेक्नोलॉजी से तैयार किया है। इसे पूरी तरह से भारत में ही डिजाइन, इंजीनियर और बनाया गया है। यह उपलब्धि मेक इन इंडिया और आत्मनिर्भर भारत अभियान को मजबूत करती है। आगे चलकर इसकी क्षमताओं का विस्तार कर और अधिक क्षेत्रों में इसे तैनात किया जा सकता है। भारतीय वैज्ञानिकों और इंजीनियरों की मेहनत से तैयार यह रोबोट डॉग देश की तकनीकी क्षमता का जीवंत उदाहरण है।