नई दिल्ली. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा 15 अगस्त को मुफ्त ऑनलाइन कोचिंग के लिए राष्ट्रीय नेटवर्क विकसित करने की घोषणा के बाद IIT कानपुर के SATHEE मंच पर पंजीकरण में असाधारण तेजी देखने को मिली है। Self-Assessment, Test and Help for Entrance Exams यानी SATHEE पहले से ही छात्रों को प्रवेश परीक्षाओं की तैयारी में मुफ्त डिजिटल सहायता उपलब्ध कराने वाला मंच है। प्रधानमंत्री की घोषणा के बाद बड़ी संख्या में छात्रों ने इस मंच की ओर रुख किया, जिससे यह स्पष्ट हुआ कि गुणवत्तापूर्ण और सुलभ ऑनलाइन शिक्षा की मांग देशभर में तेजी से बढ़ रही है। कम लागत या पूरी तरह मुफ्त तैयारी की सुविधा विशेष रूप से उन छात्रों के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है, जो महंगी निजी कोचिंग तक आसानी से नहीं पहुंच पाते।
8 दिन में 1.54 लाख नए पंजीकरण का रिकॉर्ड
आंकड़ों के अनुसार, 15 अगस्त से 22 अगस्त के बीच SATHEE पर करीब 1.54 लाख नए पंजीकरण हुए। यह संख्या इसलिए भी उल्लेखनीय है क्योंकि प्रधानमंत्री की घोषणा से पहले मंच पर प्रतिदिन औसतन केवल 200 से 300 नए छात्र पंजीकरण करा रहे थे। घोषणा के बाद छात्रों की संख्या में अचानक आई इस तेजी ने मंच की लोकप्रियता और संभावित उपयोगकर्ता आधार का नया संकेत दिया है। कुछ ही दिनों में इतनी बड़ी संख्या में विद्यार्थियों के जुड़ने से IIT कानपुर और केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय के सामने तकनीकी क्षमता बढ़ाने तथा सामग्री को अधिक व्यापक और प्रभावी बनाने की चुनौती भी सामने आई है।
18 अगस्त को सबसे अधिक 41,600 छात्रों ने कराया पंजीकरण
SATHEE पर पंजीकरण की रफ्तार 18 अगस्त को अपने उच्चतम स्तर पर पहुंची, जब एक ही दिन में 41,600 नए पंजीकरण दर्ज किए गए। इसके मुकाबले 15 अगस्त को 5,100 छात्रों ने मंच से जुड़ने के लिए पंजीकरण कराया था। इसके बाद शुरुआती तेज उछाल में कुछ कमी आई और 22 अगस्त को 7,100 नए पंजीकरण दर्ज हुए, लेकिन यह संख्या भी प्रधानमंत्री की घोषणा से पहले के औसत दैनिक पंजीकरण की तुलना में काफी अधिक रही। आंकड़े बताते हैं कि राष्ट्रीय स्तर पर मुफ्त ऑनलाइन कोचिंग की घोषणा ने छात्रों और अभिभावकों के बीच तेजी से ध्यान आकर्षित किया है।
SATHEE के अनुभव पर तैयार होगा नया राष्ट्रीय मंच
IIT कानपुर केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय के साथ मिलकर SATHEE के अनुभव और मौजूदा ढांचे के आधार पर एक नया मंच विकसित करने की दिशा में काम कर रहा है। प्रस्तावित मंच में सामग्री की गुणवत्ता, उपयोगकर्ता अनुभव, कृत्रिम बुद्धिमत्ता यानी AI और तकनीकी ढांचे को पहले से अधिक उन्नत करने की योजना है। शिक्षा मंत्रालय के अधिकारियों के अनुसार, नया मंच 2 अक्टूबर तक शुरू किया जा सकता है। इसका उद्देश्य SATHEE के मौजूदा अनुभव का उपयोग करते हुए अधिक छात्रों तक पहुंच बनाना और प्रतियोगी तथा प्रवेश परीक्षाओं की तैयारी के लिए बेहतर डिजिटल संसाधन उपलब्ध कराना है।
बढ़ते उपयोगकर्ताओं के साथ बढ़ेगी तकनीकी और शैक्षणिक क्षमता
IIT कानपुर के प्रोफेसर और SATHEE परियोजना प्रभारी अमेय करकरे के अनुसार, पंजीकरण में अचानक हुई इस बढ़ोतरी ने मंच को तेजी से विस्तार देने की जरूरत पैदा कर दी है। उन्होंने कहा कि केवल उपयोगकर्ताओं की संख्या बढ़ाना पर्याप्त नहीं होगा, बल्कि व्याख्यानों की गुणवत्ता को बेहतर बनाने, उन्हें अधिक आकर्षक बनाने और छात्रों को लंबे समय तक मंच से जोड़े रखने पर भी ध्यान देना होगा। इसके लिए अधिक मार्गदर्शकों, तकनीकी विशेषज्ञों, बेहतर एनीमेशन और मजबूत तकनीकी ढांचे की आवश्यकता होगी। केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय की ओर से आवश्यक संसाधन और सहयोग उपलब्ध कराने की बात भी कही गई है।
महंगी कोचिंग के विकल्प के रूप में उभर सकता है नया मॉडल
भारत में प्रवेश और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए निजी कोचिंग पर बड़ी राशि खर्च होती है, जिसके कारण आर्थिक रूप से कमजोर और दूरदराज के क्षेत्रों के कई छात्रों के सामने गुणवत्तापूर्ण तैयारी की चुनौती रहती है। ऐसे में मुफ्त ऑनलाइन मंच को व्यापक स्तर पर विकसित करने की योजना शिक्षा के क्षेत्र में महत्वपूर्ण बदलाव ला सकती है। यदि छात्रों को बेहतर व्याख्यान, अभ्यास सामग्री, परीक्षा विश्लेषण, मार्गदर्शन और AI आधारित सहायता एक ही मंच पर उपलब्ध होती है, तो यह पारंपरिक कोचिंग मॉडल के एक सुलभ विकल्प के रूप में उभर सकता है।
अब गुणवत्ता और विस्तार की परीक्षा
SATHEE पर कुछ ही दिनों में 1.54 लाख नए पंजीकरण इस पहल की बड़ी संभावनाओं का संकेत हैं, लेकिन इसके साथ नई चुनौतियां भी जुड़ गई हैं। बड़ी संख्या में छात्रों को एक साथ गुणवत्तापूर्ण सामग्री और निर्बाध तकनीकी सुविधा उपलब्ध कराना इस परियोजना की सफलता के लिए महत्वपूर्ण होगा। प्रस्तावित नया राष्ट्रीय मंच यदि तय समयसीमा के आसपास शुरू होता है और SATHEE के अनुभवों को प्रभावी ढंग से आगे बढ़ाता है, तो देशभर के लाखों विद्यार्थियों के लिए मुफ्त और गुणवत्तापूर्ण ऑनलाइन परीक्षा तैयारी का एक बड़ा डिजिटल विकल्प तैयार हो सकता है।