केरल: केरल के करुवट्टा में 65 वर्षीय शिवनकुट्टी चेट्टियार की हत्या के मामले में पुलिस जांच में कई चौंकाने वाली जानकारियां सामने आई हैं। शिवनकुट्टी करुवट्टा के नौवें वार्ड के रहने वाले थे। सोमवार सुबह उनका शव घर के अंदर बरामद हुआ था। उनके हाथ-पैर कपड़े से बंधे हुए थे और गले पर रस्सी से गला घोंटने के निशान मिले थे। घटना के समय घर में शिवनकुट्टी और उनकी 13 वर्षीय पोती के रहने की जानकारी सामने आई है। हालांकि, हत्या के वक्त पोती घर पर मौजूद नहीं थी। घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू की।
पोती समेत 4 संदिग्ध हिरासत में
हत्या के मामले में पुलिस ने शिवनकुट्टी की 13 वर्षीय पोती समेत चार लोगों को हिरासत में लिया है। पुलिस के अनुसार, अन्य तीनों आरोपी कोल्लम के परवूर इलाके के रहने वाले हैं और उनकी उम्र करीब 17 वर्ष है। प्रारंभिक जांच में पुलिस को शक है कि किशोरों के एक समूह ने चोरी के इरादे से हत्या की साजिश रची थी। पुलिस का दावा है कि आरोपियों ने वीडियो कॉल के जरिए लड़की को हत्या की वारदात दिखाई थी। जांच में यह भी सामने आया कि लड़की को घर की अलमारी में रखे करीब छह सॉवरेन सोने के बारे में जानकारी थी।
सोना बेचकर आईफोन और बाइक खरीदने की थी योजना
पुलिस को शक है कि हत्या के पीछे मुख्य वजह चोरी थी। जांच के मुताबिक, आरोपियों की नजर घर में रखे सोने पर थी। कथित तौर पर योजना थी कि सोना चोरी कर उसे बेचने के बाद मिलने वाले पैसे से आईफोन और बाइक खरीदी जाएगी। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि हत्या और चोरी की साजिश कब और कैसे तैयार की गई। आरोपियों के बीच पहले से किस तरह संपर्क था, इसकी भी जांच की जा रही है। पुलिस यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि वारदात में और कितने लोग शामिल हो सकते हैं। फिलहाल चारों से पूछताछ जारी है।
टॉयलेट की वेंटिलेशन से घर में घुसे आरोपी
पुलिस के अनुसार, आरोपी रविवार रात शिवनकुट्टी के घर पहुंचे थे। बताया जा रहा है कि उन्होंने टॉयलेट की वेंटिलेशन के रास्ते घर में प्रवेश किया। घर के अंदर सामान बिखरा हुआ मिला और कई अलमारियां खुली हुई थीं। शिवनकुट्टी के हाथ-पैर कपड़े से बांधे गए थे। उनके गले पर गला घोंटने के निशान भी मिले। पुलिस का मानना है कि हत्या के बाद आरोपियों ने चोरी की वारदात को अंजाम देने की कोशिश की। घर का इलाका अपेक्षाकृत सुनसान होने के कारण आरोपियों को वारदात के दौरान आसानी से लोगों की नजर में आने का खतरा कम था।
घर में बिखरी मिली मिर्च पाउडर की थैली
जांच के दौरान पुलिस को घर के अंदर और शिवनकुट्टी के शरीर पर मिर्च पाउडर बिखरा हुआ मिला। अलमारी के अंदर भी मिर्च पाउडर के निशान मिले हैं। पुलिस को शक है कि आरोपियों ने घर की रसोई से मिर्च पाउडर लिया था। माना जा रहा है कि इसका इस्तेमाल जांच को भ्रमित करने या पहचान छिपाने की कोशिश में किया गया हो सकता है। हत्या के बाद घर के सामान को भी अस्त-व्यस्त किया गया था। पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि मिर्च पाउडर का इस्तेमाल वास्तव में किस उद्देश्य से किया गया था। घटनास्थल से मिले अन्य सबूतों को भी जांच के लिए सुरक्षित किया गया है।
पोती पर पुलिस को गुमराह करने का भी शक
शिवनकुट्टी की मौत के बाद उनकी पोती के व्यवहार को लेकर भी पुलिस को संदेह हुआ। रिपोर्ट के अनुसार, लड़की ने शुरुआती जांच के दौरान पुलिस को गुमराह करने की कोशिश की। इसके बाद पुलिस ने उसके बयान और घटनास्थल से मिले सबूतों के बीच संबंध तलाशना शुरू किया। पूछताछ के दौरान सामने आई जानकारियों के आधार पर पुलिस ने अन्य तीन किशोरों तक पहुंच बनाई। पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि लड़की को साजिश की जानकारी पहले से थी या वह बाद में इसमें शामिल हुई। मामले में उसकी भूमिका की विस्तृत जांच की जा रही है।
सुनसान इलाके और निर्माणाधीन इमारत से भी जुड़े सुराग
शिवनकुट्टी का घर एक अपेक्षाकृत सुनसान इलाके में स्थित है। घर के सामने एक अन्य इमारत का निर्माण चल रहा था, जिसके कारण आसपास के लोगों का ध्यान आसानी से घर की गतिविधियों पर नहीं जाता था। पुलिस का खोजी कुत्ता घटनास्थल से शुरुआत में निर्माणाधीन इमारत की तरफ गया। इसके बाद पुलिस ने निर्माण स्थल से भी संभावित सुराग जुटाने शुरू किए। जांच एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि क्या आरोपियों ने निर्माणाधीन इमारत का इस्तेमाल आने-जाने या छिपने के लिए किया था। इस एंगल से भी पुलिस पूछताछ और जांच आगे बढ़ा रही है।
परिवार दो साल पहले करुवट्टा आया था
शिवनकुट्टी मूल रूप से कोल्लम के परवूर के रहने वाले थे। उनका परिवार करीब दो साल पहले करुवट्टा आकर रहने लगा था। परिवार ने किराए के घर के पास ही जमीन खरीदी थी और अपनी दो बेटियों के लिए घर बनाने की योजना पर काम चल रहा था। शिवनकुट्टी के तीन बच्चे थे। उनके एक बेटे की पहले ही मौत हो चुकी है, जबकि उनकी बेटी शशिकला विदेश में रहती हैं। घटना के समय उनकी बेटी गर्भवती होने के कारण प्रसव के लिए वंदनम मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भर्ती थीं। उनकी पत्नी भी अस्पताल में उनके साथ थीं, जिसके चलते घर पर शिवनकुट्टी और उनकी पोती के रहने की बात सामने आई है।
एर्नाकुलम रेंज डीआईजी ने मौके का लिया जायजा
हत्या की गंभीरता को देखते हुए एर्नाकुलम रेंज के डीआईजी यतीश चंद्र भी घटनास्थल पर पहुंचे। उन्होंने पुलिस अधिकारियों से मामले की जानकारी ली और घटनास्थल का जायजा लिया। पुलिस अब हत्या, चोरी और आरोपियों की भूमिका को जोड़कर पूरी कड़ी तैयार करने में जुटी है। चारों हिरासत में लिए गए लोगों से पूछताछ के साथ-साथ घटनास्थल से मिले सबूतों की भी जांच की जा रही है। पुलिस यह भी पता लगाने में जुटी है कि चोरी किया गया सोना कहां है और वारदात में इस्तेमाल सामान किसने उपलब्ध कराया था। मामले में आगे और गिरफ्तारियां होने की संभावना से भी इनकार नहीं किया गया है।