भोपाल!मध्यप्रदेश प्रशासनिक इतिहास में पहली बार यह हुआ है कि राज्य के 55 जिलों में से 17 जिलों में महिला IAS अधिकारी कलेक्टर के रूप में सेवाएं दे रही हैं। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की सरकार ने महिला अधिकारियों को आगे बढ़ाने में विशेष ध्यान दिया है, जिससे प्रशासन में महिलाओं की भागीदारी और नेतृत्व को मजबूती मिली है।
महिला IAS कलेक्टरों की झलक
प्रदेश में कुछ जिले ऐसे हैं जहां पिछले कई वर्षों से लगातार महिला कलेक्टर नियुक्त की जा रही हैं। बड़वानी, झाबुआ और डिंडोरी जैसे जिले इस बदलाव के उदाहरण हैं। वर्ष 2011 से 2017 बैच तक की लगभग 45 महिला IAS अफसरों में से एक दर्जन को पहली बार कलेक्टर बनने का अवसर मिला है।
सबसे ज्यादा कलेक्टर 2014 बैच की
* शीतला पटले - सिवनी
* नेहा मीना - झाबुआ
* रिजु बाफना - शाजापुर
* भव्या मित्तल - खरगोन
* रानी बाटड - मैहर
* नीतू माथुर - आलीराजपुर
* अंजु पवन भदौरिया - डिंडोरी
* जमुना भिड़े - निवाड़ी
वर्तमान में वर्ष 2016 बैच की तीन महिला IAS कलेक्टर के रूप में कार्यरत हैं।
संभागवार महिला कलेक्टर विवरण
इंदौर संभाग: भव्या मित्तल (खरगोन), ज्यति सिंह (बड़वानी), नेहा मीना (झाबुआ), नीतू माथुर (आलीराजपुर)
उज्जैन संभाग: मीशा सिंह (रतलाम), रिजु बाफना (शाजापुर), प्रीति यादव (आगर मालवा), अदिति गर्ग (मंदसौर)
ग्वालियर संभाग: रुचिका चौहान (ग्वालियर)
चंबल संभाग: किसी भी जिले में महिला कलेक्टर नहीं
रीवा संभाग: प्रतिभा पाल (रीवा), रानी बाटड (मैहर)
सागर संभाग: ऊषा परमार (पन्ना), जमुना भिड़े (निवाड़ी)
भोपाल संभाग: किसी भी जिले में महिला कलेक्टर नहीं
नर्मदापुरम संभाग: सोनिया मीना (नर्मदापुरम)
जबलपुर संभाग:रजनी सिंह (नरसिंहपुर), शीतला पटले (सिवनी), अंजू पवन भदौरिया (डिंडोरी)
महिला कलेक्टर का इंतजार कर रहे जिले
इंदौर, धार, उज्जैन, ग्वालियर, सतना, सिंगरौली, मऊगंज, शहडोल, छतरपुर, भोपाल, छिंदवाड़ा और पांढुर्णा। मध्यप्रदेश में प्रशासनिक नेतृत्व में महिलाओं की बढ़ती भागीदारी सरकार की समान अवसर नीति को दर्शाती है। यह इतिहास में एक महत्वपूर्ण बदलाव है और आने वाले समय में और अधिक महिला अधिकारियों को नेतृत्व के अवसर मिलने की उम्मीद है।
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