नई दिल्ली: प्रधानमंत्री आवास योजना-शहरी 2.0 (PMAY-U 2.0) के तहत अपना घर बनाने या खरीदने का सपना देख रहे शहरी परिवारों के लिए बड़ी जानकारी सामने आई है। योजना के लिए आवेदन करने वालों को अब किसी नई रजिस्ट्रेशन तारीख का इंतजार करने की जरूरत नहीं है। प्रधानमंत्री आवास योजना-शहरी 2.0 को 1 सितंबर 2024 से लागू किया जा चुका है। आवासन एवं शहरी कार्य मंत्रालय की जुलाई 2026 की जानकारी के मुताबिक, पात्र नागरिक योजना के यूनिफाइड वेब पोर्टल के जरिए सीधे आवेदन कर सकते हैं। योजना का उद्देश्य शहरी क्षेत्रों में रहने वाले जरूरतमंद परिवारों को किफायती आवास उपलब्ध कराना है।
5 साल में 1 करोड़ शहरी परिवारों को घर देने का लक्ष्य
केंद्र सरकार ने PMAY-U 2.0 के तहत अगले पांच वर्षों में 1 करोड़ अतिरिक्त शहरी परिवारों को अपना घर बनाने या खरीदने में मदद देने का लक्ष्य रखा है। इस योजना के जरिए ऐसे परिवारों को आर्थिक सहायता देने की कोशिश की जा रही है, जो खुद का घर बनाने या खरीदने की स्थिति में नहीं हैं। योजना में पात्र लाभार्थियों को उनकी जरूरत और श्रेणी के आधार पर अलग-अलग तरीके से सहायता दी जाती है। सरकार का उद्देश्य शहरी क्षेत्रों में किफायती आवास की उपलब्धता बढ़ाना है। इससे आर्थिक रूप से कमजोर और निम्न आय वर्ग के परिवारों को राहत मिलने की उम्मीद है। योजना के तहत घर के निर्माण के साथ-साथ घर खरीदने के विकल्प को भी शामिल किया गया है। यानी पात्र परिवार अपनी जरूरत के अनुसार योजना का लाभ ले सकते हैं।
चार श्रेणियों के जरिए मिलेगा योजना का लाभ
PMAY-U 2.0 को चार प्रमुख श्रेणियों के माध्यम से लागू किया गया है। इनमें Beneficiary Led Construction (BLC), Affordable Housing in Partnership (AHP), Affordable Rental Housing (ARH) और Interest Subsidy Scheme (ISS) शामिल हैं। BLC के तहत पात्र परिवार अपनी जमीन पर घर बनाने के लिए सहायता प्राप्त कर सकते हैं। AHP के तहत साझेदारी के जरिए किफायती घर उपलब्ध कराने की व्यवस्था की गई है। वहीं ARH का उद्देश्य शहरी क्षेत्रों में जरूरतमंद लोगों को किफायती किराये के आवास उपलब्ध कराना है। ISS के तहत पात्र परिवारों को होम लोन पर ब्याज में सब्सिडी का लाभ मिल सकता है। BLC और AHP श्रेणी में प्रति यूनिट 2.50 लाख रुपये तक की आर्थिक सहायता का प्रावधान है।
कौन-कौन कर सकता है आवेदन?
PMAY-U 2.0 मुख्य रूप से शहरी क्षेत्रों में रहने वाले पात्र परिवारों के लिए है। Interest Subsidy Scheme यानी ISS के तहत अलग-अलग आय वर्ग के परिवार आवेदन कर सकते हैं। इसमें EWS वर्ग के लिए वार्षिक आय 3 लाख रुपये तक, LIG वर्ग के लिए 6 लाख रुपये तक और MIG वर्ग के लिए 9 लाख रुपये तक की आय सीमा बताई गई है। हालांकि, सिर्फ आय सीमा पूरी करना ही पर्याप्त नहीं है और योजना की अन्य पात्रता शर्तें भी लागू होती हैं। आवेदन करने वाले परिवार की जानकारी और दस्तावेजों का सत्यापन संबंधित शहरी स्थानीय निकाय यानी ULB और राज्य सरकार द्वारा किया जाता है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, अब तक PMAY-U 2.0 के तहत 16.20 लाख से अधिक घर मंजूर किए जा चुके हैं। ऐसे में पात्र शहरी परिवार ऑनलाइन आवेदन करके योजना का लाभ लेने की प्रक्रिया शुरू कर सकते हैं।
मोबाइल या कंप्यूटर से घर बैठे कैसे करें आवेदन?
PMAY-U 2.0 के लिए आवेदन की प्रक्रिया ऑनलाइन रखी गई है, जिससे पात्र नागरिक मोबाइल या कंप्यूटर के जरिए आवेदन कर सकते हैं। सबसे पहले आवेदक को योजना के आधिकारिक यूनिफाइड वेब पोर्टल पर जाना होगा। इसके बाद होमपेज पर दिखाई देने वाले ‘Apply for PMAY-U 2.0’ विकल्प को चुनना होगा। आगे पात्रता की जांच करनी होगी और आधार आधारित प्रमाणीकरण की प्रक्रिया पूरी करनी होगी। इसके बाद आवेदक को अपना व्यक्तिगत विवरण, परिवार की जानकारी, आय से जुड़े दस्तावेज और आवास से संबंधित जरूरी जानकारी दर्ज करनी होगी। फॉर्म भरते समय सभी जानकारियां और दस्तावेज सही तरीके से उपलब्ध कराना जरूरी है। आवेदन जमा करने के बाद आवेदन पत्र का प्रिंटआउट या उसकी जानकारी सुरक्षित रखना चाहिए, ताकि भविष्य में आवेदन की स्थिति को ट्रैक किया जा सके।
आवेदन करने से पहले इन बातों का रखें ध्यान
योजना के लिए आवेदन करने से पहले आवेदक को अपनी पात्रता और जरूरी दस्तावेजों की जानकारी जरूर जांच लेनी चाहिए। आवेदन में दर्ज नाम, आधार से जुड़ी जानकारी, परिवार का विवरण और आय संबंधी जानकारी सही होनी चाहिए। किसी भी तरह की गलत या अधूरी जानकारी देने पर आवेदन के सत्यापन में परेशानी हो सकती है। आवेदन जमा करने के बाद संबंधित विभाग द्वारा दस्तावेजों और पात्रता की जांच की जाती है। अंतिम मंजूरी संबंधित शहरी स्थानीय निकाय और राज्य सरकार की सत्यापन प्रक्रिया के बाद होती है। इसलिए ऑनलाइन आवेदन करने का मतलब यह नहीं है कि लाभ तुरंत स्वीकृत हो जाएगा। आवेदकों को आवेदन संख्या या अन्य जरूरी विवरण सुरक्षित रखना चाहिए, ताकि आगे योजना की स्थिति की जानकारी ली जा सके।