लखनऊ: त्योहारों के सीजन से पहले उत्तर प्रदेश में चीनी की कीमतों में बड़ी राहत देखने को मिली है। पिछले कुछ समय से बढ़े हुए दामों के बीच अब चीनी के भाव में लगातार गिरावट दर्ज की जा रही है। फुटकर बाजार में पिछले एक सप्ताह के दौरान चीनी करीब 6 रुपये प्रति किलो तक सस्ती हुई है। जहां कुछ दिन पहले दुकानों पर चीनी 54 रुपये प्रति किलो बिक रही थी, वहीं अब कई जगहों पर इसका भाव करीब 48 रुपये प्रति किलो पहुंच गया है। थोक मंडी में कीमतों में आई नरमी का सीधा असर अब खुदरा बाजार पर भी दिखाई देने लगा है। त्योहारों के दौरान चीनी की मांग बढ़ने के कारण इस गिरावट से आम परिवारों को घरेलू खर्च में कुछ राहत मिलने की उम्मीद है।
एक महीने पहले 65 रुपये किलो तक पहुंचा था भाव
करीब एक महीने पहले उत्तर प्रदेश के बाजारों में चीनी की कीमतों में अचानक तेजी देखने को मिली थी। उस समय कई जगहों पर खुदरा बाजार में चीनी का भाव बढ़कर 65 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गया था। चीनी की कीमत बढ़ने से घरेलू बजट के साथ-साथ मिठाई और खाद्य पदार्थों की लागत पर भी असर पड़ रहा था। इसी दौरान विश्वेश्वरगंज थोक मंडी में भी चीनी की कीमत करीब 6400 रुपये प्रति क्विंटल तक पहुंच गई थी। बढ़ते दामों को देखते हुए प्रशासन ने बाजार की स्थिति पर निगरानी बढ़ाई। इसके बाद थोक बाजार में कीमतों में धीरे-धीरे कमी आने लगी। अब इस गिरावट का असर खुदरा दुकानों पर भी दिखाई दे रहा है।
थोक मंडी में 1400 रुपये तक सस्ती हुई चीनी
विश्वेश्वरगंज भैरवनाथ व्यापार मंडल के अध्यक्ष प्रतीक कुमार गुप्ता के अनुसार, करीब एक महीने पहले थोक मंडी में चीनी का भाव 6400 रुपये प्रति क्विंटल तक पहुंच गया था। इसके बाद बाजार में कीमतों में लगातार गिरावट दर्ज की गई। व्यापारियों के मुताबिक, अलग-अलग चरणों में चीनी के भाव में 100 से 200 रुपये प्रति क्विंटल तक की कमी आती रही। अब थोक मंडी में चीनी का भाव करीब 5000 रुपये प्रति क्विंटल रह गया है। यानी एक महीने के दौरान थोक भाव में करीब 1400 रुपये प्रति क्विंटल की कमी आई है। थोक कीमत घटने के साथ फुटकर दुकानदारों को भी कम कीमत पर चीनी मिल रही है, जिसका असर ग्राहकों को मिलने वाले भाव पर पड़ रहा है।
सरकारी मिलों से कीमत घटने का असर
व्यापारियों का कहना है कि चीनी के दाम बढ़ने के पीछे सरकारी चीनी मिलों से मिलने वाली चीनी की कीमत में हुई बढ़ोतरी भी एक वजह रही। जब मिलों से चीनी महंगे दाम पर बाजार में पहुंची, तो इसका असर थोक मंडियों और फिर खुदरा दुकानों पर दिखाई दिया। बाद में प्रशासन की सख्ती और निगरानी के बाद मिलों से मिलने वाले भाव में कमी आने लगी। इससे थोक बाजार में भी कीमतें नीचे आने लगीं। अब इसका असर खुदरा बाजार तक पहुंच चुका है। व्यापारियों के अनुसार, बाजार में कीमतों में लगातार बदलाव को देखते हुए दुकानदार भी मंडी से जरूरत के हिसाब से सीमित मात्रा में चीनी खरीद रहे हैं।
कालाबाजारी और जमाखोरी पर प्रशासन की नजर
चीनी के बढ़ते दामों के बीच प्रशासन ने कालाबाजारी और जमाखोरी को रोकने के लिए भी निगरानी बढ़ाई थी। इसी क्रम में 25 अगस्त को एडीएम आपूर्ति अमित कुमार ने थोक चीनी विक्रेताओं के साथ बैठक की थी। बैठक में बाजार में चीनी की उपलब्धता, स्टॉक और कीमतों को लेकर चर्चा की गई। व्यापारियों को निर्देश दिया गया कि वे प्रतिदिन स्टॉक पोर्टल पर अपने चीनी स्टॉक की जानकारी अपडेट करें। इसके अलावा प्रत्येक शुक्रवार को स्टॉक की रिपोर्ट भी प्रशासन को उपलब्ध कराने को कहा गया था। प्रशासन के इन निर्देशों के बाद बाजार में स्टॉक और कीमतों की निगरानी और सख्त हुई।
निगरानी बढ़ने के बाद बाजार में बदली स्थिति
प्रशासन की ओर से स्टॉक की नियमित जानकारी लेने और बाजार पर नजर रखने के बाद चीनी की कीमतों में लगातार नरमी देखने को मिली। व्यापारियों को स्टॉक छिपाने या जमाखोरी से बचने के निर्देश दिए गए थे। बाजार में उपलब्धता और थोक कीमतों पर निगरानी बढ़ने से दामों में तेजी का दबाव कम हुआ। इसका असर धीरे-धीरे खुदरा बाजार में भी दिखाई दिया। अब दुकानों पर पहले की तुलना में कम कीमत पर चीनी उपलब्ध हो रही है। हालांकि, अलग-अलग दुकानों और बाजारों में कीमतों में थोड़ा अंतर हो सकता है।
त्योहारों से पहले आम लोगों को राहत
चीनी की कीमतों में यह गिरावट ऐसे समय में आई है, जब त्योहारों का सीजन शुरू होने वाला है। त्योहारों के दौरान घरों में मिठाई, पकवान और अन्य खाद्य पदार्थ बनाने के लिए चीनी की मांग बढ़ जाती है। इसके अलावा मिठाई दुकानों और खाद्य कारोबारियों के लिए भी चीनी एक जरूरी कच्चा माल है। ऐसे में चीनी के दाम कम होने से आम परिवारों के साथ-साथ छोटे कारोबारियों को भी कुछ राहत मिल सकती है। अगर थोक बाजार में कीमतों में नरमी आगे भी बनी रहती है, तो खुदरा बाजार में चीनी के भाव में और स्थिरता देखने को मिल सकती है।
आगे कीमतों पर रहेगी बाजार की नजर
फिलहाल चीनी का खुदरा भाव करीब 48 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गया है, जबकि थोक मंडी में कीमत करीब 5000 रुपये प्रति क्विंटल बताई जा रही है। पिछले एक महीने में कीमतों में आई गिरावट के बाद अब उपभोक्ताओं की नजर इस बात पर है कि त्योहारों के दौरान चीनी के दाम किस स्तर पर रहते हैं। बाजार में आपूर्ति, मिलों से मिलने वाले भाव और प्रशासन की निगरानी आगे कीमतों को प्रभावित करने वाले प्रमुख कारक रहेंगे। फिलहाल बढ़ी कीमतों के बाद चीनी के दाम में आई कमी से ग्राहकों को जरूर कुछ राहत मिली है।