भारतीय रेलवे ने माल ढुलाई को तेज और आधुनिक बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। देश की पहली वंदे भारत मालगाड़ी (Vande Bharat Freight Train) का ट्रायल रन सफलतापूर्वक पूरा कर लिया गया है। ट्रायल के दौरान ट्रेन ने 130 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार हासिल की।
यात्रियों के बजाय माल ढुलाई के लिए तैयार
यह वंदे भारत ट्रेन यात्रियों को ले जाने के लिए नहीं, बल्कि पार्सल, ई-कॉमर्स सामान और अन्य जरूरी माल को तेजी से एक स्थान से दूसरे स्थान तक पहुंचाने के उद्देश्य से तैयार की गई है। इससे समय-संवेदनशील माल की डिलीवरी को गति मिलने की उम्मीद है।
कोटा-रोलखुर्द सेक्शन पर हुआ ट्रायल
वंदे भारत फ्रेट ट्रेन का ट्रायल पश्चिम मध्य रेलवे के कोटा-रोलखुर्द सेक्शन पर किया गया। परीक्षण के दौरान ट्रेन की गति के साथ-साथ उसकी तकनीकी और सुरक्षा प्रणालियों की भी जांच की गई।
कई तकनीकी मानकों की हुई जांच
ट्रायल रन में ट्रेन की ब्रेकिंग प्रणाली, ट्रैक्शन, रीजनरेटिव एनर्जी, थर्मल क्षमता और जर्क लेवल जैसे महत्वपूर्ण मानकों को परखा गया। इसका उद्देश्य तेज गति से माल ढुलाई के दौरान ट्रेन की सुरक्षा और परिचालन क्षमता का आकलन करना था।
16 कोच वाली है वंदे भारत फ्रेट ट्रेन
रिपोर्ट के मुताबिक, इस फ्रेट ईएमयू में 16 कोच हैं और इसे वंदे भारत प्लेटफॉर्म पर विकसित किया गया है। ट्रेन को इस तरह डिजाइन किया गया है कि माल को अपेक्षाकृत तेज गति से लंबी दूरी तक पहुंचाया जा सके।
लॉजिस्टिक्स सेक्टर को मिल सकता है फायदा
वंदे भारत फ्रेट ट्रेन के संचालन से रेलवे के माल परिवहन कारोबार को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। खास तौर पर ई-कॉमर्स और ऐसे उत्पादों की ढुलाई में इसका इस्तेमाल महत्वपूर्ण हो सकता है, जिनकी समय पर डिलीवरी बेहद जरूरी होती है।
अभी नियमित सेवा शुरू नहीं
130 KMPH की रफ्तार वाला यह रन फिलहाल ट्रायल और तकनीकी परीक्षण का हिस्सा है। ट्रेन को नियमित व्यावसायिक सेवा में शामिल करने से पहले जरूरी परीक्षण और सुरक्षा प्रक्रियाएं पूरी की जाएंगी। इसके बाद इसके नियमित संचालन को लेकर फैसला लिया जाएगा।