नई दिल्ली - भारतीय क्रिकेट टीम इस समय चोटों की गंभीर समस्या से जूझ रही है। मौजूदा टीम सेटअप और भविष्य की योजनाओं में शामिल कुल 13 खिलाड़ी चोट के कारण बेंगलुरु स्थित सेंटर ऑफ एक्सीलेंस (CoE) में रिहैबिलिटेशन से गुजर रहे हैं। खिलाड़ियों की इतनी बड़ी संख्या में चोटिल होने से टीम मैनेजमेंट और बीसीसीआई की मेडिकल टीम की चिंता बढ़ गई है।

एक साथ 13 खिलाड़ियों की रिकवरी जारी
टीम इंडिया के लिए सबसे बड़ी चुनौती इस समय खिलाड़ियों को फिट रखना और उनकी समय पर मैदान पर वापसी सुनिश्चित करना है। 13 खिलाड़ियों के चोटिल होने के बाद बीसीसीआई की मेडिकल टीम उनकी फिटनेस पर लगातार नजर बनाए हुए है। खिलाड़ियों को उनकी चोट की प्रकृति के अनुसार अलग-अलग रिहैब प्रोग्राम से गुजरना पड़ रहा है। मेडिकल टीम का प्रयास है कि खिलाड़ी पूरी तरह फिट होने के बाद ही प्रतिस्पर्धी क्रिकेट में वापसी करें।
श्रीलंका दौरे पर भी पड़ा असर
चोटों का सीधा असर भारतीय टीम के श्रीलंका दौरे पर भी देखने को मिला है। कई महत्वपूर्ण खिलाड़ी चोट के कारण टीम के साथ नहीं हैं। इससे टीम संयोजन और प्लेइंग इलेवन तैयार करने को लेकर कप्तान और टीम मैनेजमेंट के सामने अतिरिक्त चुनौती पैदा हुई है। श्रीलंका के खिलाफ टेस्ट सीरीज से पहले भी भारतीय टीम को चोटों से जुड़े कई झटके मिल चुके हैं। ऐसे में उपलब्ध खिलाड़ियों पर प्रदर्शन का दबाव भी बढ़ गया है।
भविष्य की योजनाओं पर भी नजर
यह मामला केवल मौजूदा सीरीज तक सीमित नहीं है। रिहैब में शामिल खिलाड़ियों में ऐसे क्रिकेटर भी हैं जिन्हें भारतीय टीम के भविष्य के रोडमैप का अहम हिस्सा माना जा रहा है। इसलिए बीसीसीआई के लिए इन खिलाड़ियों की फिटनेस बेहद महत्वपूर्ण है। बोर्ड चाहता है कि खिलाड़ी जल्दबाजी में वापसी करने के बजाय पूरी तरह फिट होकर मैदान पर उतरें, ताकि दोबारा चोट लगने का जोखिम कम किया जा सके।
मेडिकल टीम के सामने बड़ी चुनौती
एक साथ इतने खिलाड़ियों की रिकवरी की निगरानी करना बीसीसीआई की मेडिकल टीम के लिए भी बड़ी चुनौती है। फिटनेस टेस्ट, ट्रेनिंग, स्ट्रेंथ कंडीशनिंग और मैदान पर वापसी से पहले जरूरी प्रक्रियाओं के जरिए खिलाड़ियों की प्रगति पर नजर रखी जा रही है।
टीम इंडिया के लिए बढ़ी चिंता
भारतीय क्रिकेट में लगातार व्यस्त अंतरराष्ट्रीय कार्यक्रम और विभिन्न फॉर्मेट में खेलने के कारण खिलाड़ियों के वर्कलोड को लेकर पहले से चर्चा होती रही है। ऐसे में एक साथ 13 खिलाड़ियों का चोटिल होना टीम के लिए बड़ा चिंता का विषय बन गया है। अब भारतीय क्रिकेट प्रशंसकों की नजर इस बात पर रहेगी कि CoE में रिहैब कर रहे खिलाड़ी कब तक पूरी तरह फिट होकर वापसी करते हैं और श्रीलंका दौरे के बाद टीम इंडिया के आगामी मुकाबलों के लिए कितने खिलाड़ी उपलब्ध हो पाते हैं।