मुजफ्फरनगर: उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती परीक्षा के दौरान एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। गाजियाबाद और हापुड़ के चार अभ्यर्थियों का आरोप है कि गूगल मैप की गलत लोकेशन के कारण वे समय पर अपने परीक्षा केंद्र तक नहीं पहुंच सके और उनकी परीक्षा छूट गई। अभ्यर्थियों का कहना है कि परीक्षा केंद्र का रास्ता खोजने के लिए उन्होंने गूगल मैप का सहारा लिया था, लेकिन उन्हें परीक्षा केंद्र के बजाय शामली के चंदहेड़ी गांव के जंगल क्षेत्र की ओर भेज दिया गया। मामला सामने आने के बाद पुलिस प्रशासन ने जांच शुरू कर दी है और गूगल से भी स्पष्टीकरण मांगा जा रहा है।
गूगल मैप ने परीक्षा केंद्र की जगह जंगल का रास्ता दिखाया
जानकारी के अनुसार धर्मेंद्र चौधरी, अरुण मलिक, विशाल और नकुल की परीक्षा नई मंडी थाना क्षेत्र स्थित दीपचंद ग्रीन चैंबर इंटर कॉलेज में आयोजित थी। चारों अभ्यर्थी समय से पहले परीक्षा केंद्र पहुंचने के उद्देश्य से मोटरसाइकिल पर निकले थे। रास्ते की जानकारी के लिए उन्होंने गूगल मैप का इस्तेमाल किया, लेकिन कथित तौर पर मैप ने उन्हें गलत दिशा में भेज दिया। अभ्यर्थियों का दावा है कि वे लगातार मैप के निर्देशों का पालन करते रहे और काफी दूरी तय करने के बाद उन्हें एहसास हुआ कि वे परीक्षा केंद्र के बजाय जंगल क्षेत्र में पहुंच चुके हैं। इस दौरान उनका काफी समय बर्बाद हो गया।
गलती का पता चलते ही लौटे, लेकिन तब तक देर हो चुकी थी
जब अभ्यर्थियों को अपनी लोकेशन को लेकर संदेह हुआ तो उन्होंने आसपास के लोगों से जानकारी ली। तब उन्हें पता चला कि वे परीक्षा केंद्र से काफी दूर निकल चुके हैं। इसके बाद सभी अभ्यर्थी तुरंत वापस परीक्षा केंद्र की ओर रवाना हुए, लेकिन तब तक परीक्षा शुरू हो चुकी थी। निर्धारित समय के बाद पहुंचने के कारण उन्हें परीक्षा केंद्र में प्रवेश नहीं दिया गया। अभ्यर्थियों का कहना है कि उन्होंने परीक्षा की तैयारी के लिए लंबे समय तक मेहनत की थी, लेकिन तकनीकी गड़बड़ी के कारण उनका अवसर छिन गया।
अधिकारियों से लगाई गुहार, दोबारा परीक्षा की मांग
परीक्षा छूटने के बाद चारों अभ्यर्थी जिला मुख्यालय पहुंचे और अधिकारियों को पूरे घटनाक्रम की जानकारी दी। उन्होंने प्रशासन से मांग की कि मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए और उन्हें दोबारा परीक्षा देने का अवसर दिया जाए। अभ्यर्थियों का कहना है कि यदि किसी तकनीकी त्रुटि की वजह से उनका नुकसान हुआ है तो इसकी भरपाई होनी चाहिए। उन्होंने अपने पक्ष में सभी जरूरी जानकारी और प्रमाण भी अधिकारियों को सौंपे हैं।
पुलिस ने शुरू की जांच, गूगल से मांगा जाएगा जवाब
एसपी सिटी अमृत जैन ने बताया कि मामले को गंभीरता से लिया गया है और इसकी जांच कराई जा रही है। उन्होंने कहा कि गूगल को भी पत्र भेजकर यह पूछा जाएगा कि संबंधित परीक्षा केंद्र की जगह अभ्यर्थियों को दूसरी लोकेशन क्यों दिखाई गई। पुलिस यह भी पता लगाने का प्रयास कर रही है कि तकनीकी त्रुटि वास्तव में गूगल मैप की थी या फिर किसी अन्य कारण से यह स्थिति बनी। जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
भर्ती बोर्ड से भी संपर्क में प्रशासन
पुलिस प्रशासन ने भर्ती बोर्ड से भी इस मामले को लेकर बातचीत शुरू कर दी है। फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि प्रभावित अभ्यर्थियों को दोबारा परीक्षा देने का अवसर मिलेगा या नहीं। हालांकि प्रशासन का कहना है कि सभी तथ्यों की जांच के बाद उचित निर्णय लिया जाएगा। वहीं अभ्यर्थियों और उनके परिवारों को उम्मीद है कि उनकी स्थिति को देखते हुए उन्हें राहत दी जाएगी और उनके भविष्य को प्रभावित होने से बचाया जाएगा।