नई दिल्ली. ग्रेटर नोएडा के दादरी के पास बोड़ाकी गांव में मौजूदा रेलवे हॉल्ट के निकट विशाल मल्टी-मॉडल ट्रांसपोर्ट हब विकसित किया जा रहा है। ग्रेटर नोएडा अथॉरिटी से यह महज 3 किमी दूरी पर स्थित है। पूरा प्रोजेक्ट 176 से 400 एकड़ के परिसर में फैला है जिसमें अकेले रेलवे स्टेशन के लिए 46 हेक्टेयर से अधिक भूमि तय की गई है। इसे स्पेशल रेलवे प्रोजेक्ट का दर्जा देकर भूमि अधिग्रहण और अन्य कार्यवाही तेज की गई है। बोड़ाकी रेलवे स्टेशन की डीपीआर और एनसीआर मास्टर प्लान के अनुसार निर्माण कार्य 3 साल में पूरा होने का लक्ष्य रखा गया है।
नई दिल्ली-आनंद विहार जैसा आधुनिक स्टेशन
बोड़ाकी रेलवे स्टेशन में 12 प्लेटफॉर्म और 63 यार्ड तथा लूप लाइनें होंगी। यह नई दिल्ली या आनंद विहार टर्मिनल जैसा बड़ा और आधुनिक रेलवे स्टेशन होगा। इस टर्मिनल से रोजाना 100 से अधिक ट्रेनों का संचालन और रखरखाव होगा जिसमें वंदे भारत, राजधानी और अन्य बड़ी एक्सप्रेस ट्रेनें शामिल होंगी। दो मंजिला रेलवे स्टेशन के ग्राउंड फ्लोर पर रेलवे ऑपरेशन होगा जबकि ऊपरी मंजिलों पर होटल, फूड चेन और कमर्शियल कॉम्प्लेक्स विकसित किए जाएंगे। इससे यात्रियों को विश्वस्तरीय सुविधाएं उपलब्ध होंगी।
दिल्ली-हावड़ा रूट से मजबूत कनेक्टिविटी
नोएडा का यह रेलवे स्टेशन दिल्ली-हावड़ा मेन ट्रंक रेल लाइन पर स्थित होगा। इससे दिल्ली के आनंद विहार, पुरानी दिल्ली और नई दिल्ली रेलवे स्टेशनों पर भीड़ कम होने की उम्मीद है। नोएडा से पूर्वी उत्तर प्रदेश यानी पूर्वांचल और अवध के कानपुर, लखनऊ, प्रयागराज, वाराणसी, अयोध्या, गोरखपुर जाना आसान हो जाएगा। बिहार की राजधानी पटना के साथ गया, भागलपुर, मुजफ्फरपुर, दरभंगा की आवाजाही सुविधाजनक बनेगी। झारखंड और पश्चिम बंगाल के धनबाद, रांची, आसनसोल, हावड़ा, कोलकाता के लिए भी रेल यात्रा का दबाव कम होगा। असम के गुवाहाटी सहित पूर्वोत्तर राज्यों के लिए लंबी दूरी की ट्रेनें यहां से चलाई जा सकेंगी।
नमो भारत और अन्य परिवहन से जुड़ाव
गाजियाबाद-जेवर नमो भारत कॉरिडोर के जरिये नोएडा एयरपोर्ट से बोड़ाकी को कनेक्टिविटी मिलने की संभावना है। 72 किमी लंबे नए रैपिड रेल कॉरिडोर से यह कनेक्शन गेमचेंजर साबित होगा। नेशनल कैपिटल रीजन ट्रांसपोर्ट कॉर्पोरेशन की डीपीआर के अनुसार गाजियाबाद से ग्रेटर नोएडा रैपिड रेल होते हुए जेवर एयरपोर्ट तक सेवा जाएगी। नमो भारत ट्रेन बोड़ाकी को सीधे दिल्ली-मेरठ आरआरटीएस कॉरिडोर से भी जोड़ देगी। इससे यात्री मेरठ या दिल्ली से सीधे रैपिड रेल पकड़कर बोड़ाकी तक पहुंच सकेंगे। मेट्रो और अंतरराज्यीय बस टर्मिनल की सुविधा से यह पूर्ण मल्टी-मॉडल हब बन जाएगा।
निर्माण का महत्व और भविष्य
गौतम बुद्ध नगर के यात्रियों को अब रेलयात्रा के लिए दिल्ली या गाजियाबाद तक जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी। यह टर्मिनल दिल्ली-एनसीआर का सबसे आधुनिक मल्टी-मॉडल ट्रांसपोर्ट हब बनेगा। स्पेशल प्रोजेक्ट का दर्जा मिलने से काम तेज गति से आगे बढ़ रहा है। पूरा होने पर यह न केवल स्थानीय लोगों बल्कि पूरे क्षेत्र के यात्रियों के लिए सुविधाजनक और समय बचाने वाला विकल्प साबित होगा। नमो भारत, मेट्रो और बस सेवाओं के एकीकरण से बोड़ाकी स्टेशन क्षेत्रीय कनेक्टिविटी का नया केंद्र बनने जा रहा है।