अयोध्या। अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावे को लेकर चल रहे विवाद के बीच सोमवार को बड़ा प्रशासनिक कदम उठाया गया। मंदिर में चढ़ावा गिनने का काम कर रहे 40 कर्मचारियों को उनकी ड्यूटी से हटा दिया गया है। सूत्रों के मुताबिक, इन कर्मचारियों की जगह अन्य कर्मचारियों को लगाया गया है, जबकि हटाए गए कर्मचारियों को दूसरी जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं। वहीं पारदर्शिता बढ़ाने के लिए गणनास्थल पर अतिरिक्त सीसीटीवी कैमरे भी लगाए गए हैं।
चढ़ावा गिनती केंद्र पर बढ़ाई गई निगरानी
मंदिर प्रशासन ने चढ़ावा गणना प्रक्रिया को और अधिक सुरक्षित बनाने के लिए निगरानी व्यवस्था मजबूत कर दी है। पहले जहां गणनास्थल पर एक सीसीटीवी कैमरा था, वहीं अब तीन अतिरिक्त कैमरे लगाए गए हैं। इसके बाद कुल कैमरों की संख्या चार हो गई है। माना जा रहा है कि जांच के दौरान सामने आए सवालों के बाद यह कदम उठाया गया है।
CM योगी को आज मिल सकती है SIT की शुरुआती रिपोर्ट
राम मंदिर चढ़ावा मामले की जांच कर रही स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) अपनी प्रारंभिक रिपोर्ट मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को सौंप सकती है। रविवार को टीम मुख्यमंत्री से मिलने पहुंची थी, लेकिन व्यस्त कार्यक्रम के चलते मुलाकात नहीं हो सकी। जांच एजेंसी ने जिन लोगों से पूछताछ की है, उन्हें अगले आदेश तक अयोध्या नहीं छोड़ने के निर्देश दिए गए हैं।
ट्रस्ट के पदाधिकारियों से भी हुई पूछताछ
जांच के दौरान राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय, ट्रस्टी अनिल मिश्रा और मंदिर निर्माण प्रभारी गोपाल राव सहित कई प्रमुख लोगों से पूछताछ की गई है। हालांकि सूत्रों के अनुसार गोपाल राव अयोध्या से कर्नाटक चले गए हैं। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने में जुटी हैं कि उन्होंने यात्रा की जानकारी संबंधित अधिकारियों को दी थी या नहीं।
ट्रस्ट भंग करने की मांग ने बढ़ाई सियासी हलचल
धर्म सेना के अध्यक्ष संतोष दुबे ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट को भंग करने की मांग की है। उनका कहना है कि मामले की निष्पक्ष जांच और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए ट्रस्ट की भूमिका की भी समीक्षा होनी चाहिए। इस मांग के बाद राजनीतिक और धार्मिक गलियारों में चर्चा तेज हो गई है।
FIR की तैयारी, कई नाम जांच के दायरे में
सूत्रों के मुताबिक SIT ने जांच से जुड़े दस्तावेज और डिजिटल साक्ष्य सात पेन ड्राइव में सुरक्षित किए हैं। छह दिन की जांच में करीब 150 संदिग्ध नाम सामने आए हैं, जिनमें से 25 लोगों के खिलाफ कार्रवाई की संभावना जताई जा रही है। जांच एजेंसी अगले एक-दो दिनों में एफआईआर दर्ज कर सकती है। बताया जा रहा है कि रिपोर्ट में कई पदाधिकारियों और कर्मचारियों के नाम शामिल हो सकते हैं।
पहले भी उठ चुके हैं चढ़ावा चोरी के आरोप
राम मंदिर में चढ़ावे को लेकर विवाद तब शुरू हुआ था जब समाजवादी पार्टी के नेताओं ने करोड़ों रुपये की कथित गड़बड़ी का आरोप लगाया था। इसके बाद मामले ने राजनीतिक तूल पकड़ लिया और जांच की मांग तेज हो गई। प्रधानमंत्री कार्यालय द्वारा रिपोर्ट तलब किए जाने के बाद जांच प्रक्रिया और तेज हो गई है।