लखनऊ - रक्षाबंधन के त्योहार से पहले उत्तर प्रदेश में मिलावटी और असुरक्षित खाद्य पदार्थों के खिलाफ खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (FSDA) ने बड़ा अभियान चलाया। 25-26 अगस्त की मध्यरात्रि से सुबह तक चले इस विशेष अभियान में टोल प्लाजा, हाईवे और प्रमुख संपर्क मार्गों पर खाद्य पदार्थों से लदे वाहनों की जांच की गई। विभाग का उद्देश्य त्योहार के दौरान लोगों को सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण खाद्य सामग्री उपलब्ध कराना है।
97 वाहनों की जांच, 28 में मिली गड़बड़ी
रात्रिकालीन अभियान के दौरान खाद्य सुरक्षा विभाग की टीमों ने कुल 97 वाहनों की जांच की। इनमें से 28 वाहनों में संदिग्ध, मिलावटी अथवा अस्वास्थ्यकर परिस्थितियों में रखे खाद्य पदार्थ पाए गए। अधिकारियों ने मौके से 35 खाद्य नमूने जांच के लिए एकत्र किए। जांच के दौरान करीब 16.3 कुंतल खाद्य सामग्री नष्ट कराई गई, जिसकी अनुमानित कीमत लगभग 20 लाख रुपये बताई गई है। नष्ट किए गए सामान में पनीर, खोया, दूध, नमकीन और मिल्क केक जैसी मिठाइयां शामिल थीं।
त्योहार पर बढ़ती मांग को देखते हुए सप्लाई चेन पर नजर
रक्षाबंधन के दौरान दूध, पनीर, खोया और मिठाइयों की मांग सामान्य दिनों की तुलना में बढ़ जाती है। इसी को देखते हुए विभाग ने केवल दुकानों और बाजारों की जांच करने के बजाय खाद्य पदार्थों की सप्लाई चेन पर भी निगरानी बढ़ाई। अधिकारियों ने वाहनों में रखे खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता के साथ-साथ उनके भंडारण, स्वच्छता और परिवहन की परिस्थितियों की जांच की। विभाग के मुताबिक त्योहारी सीजन में अधिक मांग वाले खाद्य पदार्थों की आवाजाही पर लगातार नजर रखी जाएगी।
मथुरा में 1200 किलो पनीर नष्ट
मथुरा में दिल्ली हाईवे पर जांच के दौरान एक वाहन से करीब 1200 किलो पनीर मिला। अधिकारियों के अनुसार पनीर की स्थिति संतोषजनक नहीं थी। करीब 3 लाख रुपये मूल्य के पनीर को नष्ट कराया गया और एक नमूना जांच के लिए लिया गया।
मेरठ और हापुड़ में बड़ी मात्रा में खोया पकड़ा
मेरठ में दो वाहनों की जांच के दौरान लगभग 10 कुंतल खोया अस्वास्थ्यकर स्थिति में पाया गया। करीब 3.30 लाख रुपये मूल्य के खोये को नष्ट कराया गया और दो नमूने लिए गए। वहीं पिलखुआ-हापुड़ मार्ग पर दो वाहनों से करीब 1670 किलो खोया मिला। इसमें से लगभग 35 हजार रुपये मूल्य का खोया नष्ट कराया गया और पांच नमूने जांच के लिए लिए गए। बागपत में भी दो वाहनों से 520 किलो खोया बरामद हुआ, जिसकी करीब 1.44 लाख रुपये की सामग्री नष्ट कराई गई।
अलीगढ़ में 7000 लीटर दूध नष्ट
अलीगढ़ में नोएडा मार्ग पर एक दूध टैंकर की जांच की गई। इसमें करीब 7000 लीटर दूध पाया गया, जिसकी अनुमानित कीमत 1.75 लाख रुपये बताई गई। विभाग ने दूध को नष्ट करा दिया और एक नमूना जांच के लिए लिया। कानपुर में रेलवे स्टेशन मार्ग पर करीब 500 किलो अस्वास्थ्यकर खोया मिला। इसकी अनुमानित कीमत 1.75 लाख रुपये बताई गई और पूरी सामग्री नष्ट कराई गई।
पनीर और मिठाई की खेप पर भी कार्रवाई
नोएडा-दिल्ली मार्ग पर दो वाहनों से करीब 185 किलो पनीर बरामद हुआ। इसकी अनुमानित कीमत 2.75 लाख रुपये थी। अधिकारियों ने पनीर को नष्ट करा दिया और इसमें रसायनों के इस्तेमाल की आशंका भी जताई। गोरखपुर में अयोध्या-बस्ती मार्ग से आ रहे एक वाहन से करीब 600 किलो मिल्क केक जैसी मिठाई मिली। लगभग 1.08 लाख रुपये मूल्य की इस सामग्री को नष्ट कराया गया और एक नमूना जांच के लिए लिया गया। अयोध्या-गोरखपुर हाईवे पर करीब 3416 किलो नमकीन की खेप की जांच की गई। इसकी अनुमानित कीमत 32 हजार रुपये बताई गई और चार नमूने जांच के लिए लिए गए।
लैब रिपोर्ट के बाद होगी आगे की कार्रवाई
खाद्य सुरक्षा विभाग ने स्पष्ट किया है कि अभियान के दौरान लिए गए नमूनों को प्रयोगशाला जांच के लिए भेजा जाएगा। रिपोर्ट में खाद्य पदार्थों में मिलावट या अन्य मानकों का उल्लंघन पाए जाने पर संबंधित लोगों के खिलाफ नियमानुसार कानूनी कार्रवाई की जाएगी। विभाग की यह कार्रवाई रक्षाबंधन से पहले इसलिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है क्योंकि त्योहार के दौरान मिठाई, खोया, पनीर और दूध की खपत तेजी से बढ़ती है। ऐसे में सप्लाई चेन से लेकर बाजार तक निगरानी बढ़ाकर मिलावटी और असुरक्षित खाद्य पदार्थों की बिक्री रोकने की कोशिश की जा रही है।