शिलिटुड़ी/कोलकाता: सामरिक दृष्टि से भारत के सबसे संवेदनशील भूभाग 'चिकन नेक' (सिलीगुड़ी कॉरिडोर) की सुरक्षा को अभेद्य बनाने के लिए केंद्र सरकार ने बड़े कदम उठाए हैं। अपने तीन दिवसीय बंगाल दौरे के तहत केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी की मौजूदगी में भारत-बांग्लादेश सीमा का दौरा किया और सीमा सुरक्षा बल (BSF) के शीर्ष अधिकारियों के साथ एक हाई-लेवल मीटिंग की। इस दौरान गृह मंत्री ने देश की सीमाओं की तकनीकी निगरानी बढ़ाने के लिए 77 करोड़ रुपये की परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया।शाह के इस दौरे को बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि हाल के दिनों में बांग्लादेश के उत्तरी हिस्से में बढ़ती सैन्य गतिविधियों और चीन के साथ ढाका की बढ़ती नजदीकी को देखते हुए भारतीय सुरक्षा एजेंसियां बेहद सतर्क हैं।
14 चौकियों पर 'स्मार्ट फेंसिंग' का उद्घाटन
गृह मंत्री अमित शाह ने शिलगुड़ी के पास फुलबाड़ी से सटे जुमागाछ सीमा चौकी (Jumagach BOP) का बारीकी से निरीक्षण किया। इसी स्थान से उन्होंने सीमा पर 14 सीमा चौकियों के लिए 'स्मार्ट फेंसिंग' (Smart Fencing) का डिजिटल उद्घाटन किया।
- क्या है स्मार्ट फेंसिंग: इस आधुनिक तकनीक के तहत यदि कोई भी घुसपैठिया या तस्कर कटीले तारों को छूने का प्रयास करेगा, तो तुरंत नजदीकी बीएसएफ कैंप में अलर्ट सिग्नल पहुंच जाएगा।
- रणनीतिक महत्व: जुमागाछ सीमा के ठीक उस पार बांग्लादेश का 'बांग्लाबाँधा लैंडपोर्ट' स्थित है, जो पंचगढ़ जिले में आता है। इसी रूट से बांग्लादेश, भारत के अलावा नेपाल और भूटान के साथ व्यापार करता है। चीन द्वारा बांग्लादेश को लड़ाकू विमान बेचने और तीस्ता महापरियोजना का काम चीनी कंपनियों को सौंपने के बाद से सुरक्षा के लिहाज से यह पूरा इलाका बेहद संवेदनशील हो चुका है।
सत्ता बदलते ही सीमा पर मिली जमीन, सुधरे हालात
पश्चिम बंगाल में बीजेपी के सत्ता में आने के बाद से ही चुनावी वादों के मुताबिक सीमा सुरक्षा को लेकर राज्य प्रशासन ने तेजी दिखाई है। केंद्रीय राज्य मंत्री सुकांत मजूमदार ने इस पर टिप्पणी करते हुए कहा, "अतीत में तत्कालीन राज्य सरकार के असहयोग के कारण सीमा पर कटीले तार लगाने का काम अटका हुआ था। लेकिन राज्य में हुए हालिया राजनीतिक बदलाव के बाद मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने भूमि विभाग को समय सीमा बांधकर बीएसएफ को जमीन हस्तांतरित करने का निर्देश दिया।"बता दें कि पश्चिम बंगाल की बांग्लादेश के साथ एक लंबी सीमा लगती है। राज्य में अभी भी लगभग 500 किलोमीटर के हिस्से में कटीले तार (बाड़) लगाया जाना बाकी है। जमीन मिलते ही बीएसएफ अब इस काम को युद्धस्तर पर पूरा करने की तैयारी में है।

'उत्तरकन्या' का बदला रंग, मैराथन बैठकों का दौर
गृह मंत्री अमित शाह शुक्रवार रात करीब 9 बजे बागडोगरा हवाई अड्डे पर उतरे, जहां मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने उनका स्वागत किया। शाह के स्वागत के लिए सिलीगुड़ी स्थित राज्य सचिवालय 'उत्तरकन्या' की इमारतों का रंग भी नीले-सफेद से बदलकर पीला कर दिया गया था।
शनिवार को शाह ने उत्तरकन्या में शाम 6 बजे तक तीन महत्वपूर्ण मैराथन बैठकें कीं। इन बैठकों में:
1. चिकन नेक (सिलीगुड़ी कॉरिडोर) की सुरक्षा व्यवस्था।
2. अवैध घुसपैठ और सीमा पार तस्करी पर रोक।
3. नए आपराधिक कानूनों (New Criminal Laws) का क्रियान्वयन।
4. जन्म-मृत्यु पंजीकरण की समीक्षा और केंद्र-राज्य समन्वय।
शाम को सिलीगुड़ी के अपने कार्यक्रम पूरे करने के बाद गृह मंत्री अमित शाह कोलकाता के लिए रवाना हो गए। आज यानी रविवार को वे कोलकाता के अलीपुर स्थित 'सौजन्य गेस्ट हाउस' में राज्य की कानून-व्यवस्था को लेकर एक और उच्च स्तरीय बैठक करेंगे, जिसमें दक्षिण बंगाल के सभी जिलों के एसपी, डीएम और कोलकाता पुलिस के कमिश्नर सहित शीर्ष अधिकारी मौजूद रहेंगे।