कोलकाता: पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने कोलकाता के हर वार्ड में ‘अन्नपूर्णा वाहिनी’ बनाने का आह्वान किया है। उन्होंने महिलाओं को संगठित होकर राज्य सरकार के साथ काम करने की अपील की। मुख्यमंत्री के मुताबिक, यह वाहिनी सामाजिक मुद्दों के साथ-साथ महिला सुरक्षा से जुड़े मामलों में भी सक्रिय रहेगी।
‘टुकड़े-टुकड़े गैंग’ पर मुख्यमंत्री का हमला
सुवेंदु अधिकारी ने कहा कि ‘टुकड़े-टुकड़े गैंग’ देश को कमजोर करने और पश्चिम बंगाल में अशांति फैलाने की कोशिश कर रहा है। उन्होंने अन्नपूर्णा वाहिनी को ऐसे तत्वों के खिलाफ मजबूती से खड़े होने को कहा। हालांकि, उन्होंने यह साफ नहीं किया कि ‘टुकड़े-टुकड़े गैंग’ से उनका इशारा किन लोगों या संगठनों की तरफ है।
महिला सुरक्षा पर भी रहेगी नजर
अन्नपूर्णा वाहिनी की एक बड़ी जिम्मेदारी महिला सुरक्षा को लेकर होगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि महिलाओं के साथ अत्याचार या अन्याय की घटना सामने आने पर वाहिनी को उनके साथ खड़ा होना होगा। उनका कहना है कि महिलाओं की सुरक्षा बीजेपी सरकार की पहली प्राथमिकताओं में है।
मातंगिनी हाजरा और रानी रासमणि का दिया उदाहरण
महिलाओं को संबोधित करते हुए सुवेंदु अधिकारी ने मातंगिनी हाजरा, रानी रासमणि और प्रीतिलता वाडेदार जैसी महिलाओं का उदाहरण दिया। उन्होंने अन्नपूर्णा वाहिनी से भारतीय और बंगाली संस्कृति की रक्षा में भी भूमिका निभाने की अपील की।
महिला मोर्चा के बीच नई संगठनात्मक पहल
अन्नपूर्णा वाहिनी की घोषणा बीजेपी महिला मोर्चा के कार्यक्रम के दौरान की गई। अलीपुर के धनधान्य ऑडिटोरियम में हुए कार्यक्रम में महिला मोर्चा की पूर्व अध्यक्ष लॉकेट चटर्जी समेत कई महिला नेता मौजूद थीं। बीजेपी का महिला मोर्चा पहले से ही राज्य में सक्रिय है, ऐसे में नई वाहिनी की भूमिका को लेकर पार्टी के भीतर भी चर्चा है।
अन्नपूर्णा योजना की भी होगी निगरानी
नई वाहिनी सिर्फ राजनीतिक गतिविधियों तक सीमित नहीं रहेगी। अन्नपूर्णा योजना के लाभार्थियों की सूची पर भी नजर रखी जाएगी। किसी पात्र महिला का नाम छूटने या किसी अपात्र व्यक्ति का नाम सूची में होने की स्थिति में इसकी जानकारी सरकार तक पहुंचाने की जिम्मेदारी वाहिनी की होगी।
20 अगस्त से शिकायत और आवेदन के लिए पोर्टल
अन्नपूर्णा योजना को लेकर मुख्यमंत्री ने एक और अहम जानकारी दी। उन्होंने कहा कि 20 अगस्त को पश्चिम बंगाल सरकार के महिला एवं बाल विकास विभाग की ओर से पोर्टल शुरू किया जाएगा। पात्र महिलाएं इस पोर्टल के जरिए योजना के लिए आवेदन करने के साथ शिकायत भी दर्ज करा सकेंगी।
1.66 करोड़ आवेदन, 1.45 करोड़ मंजूर
मुख्यमंत्री के अनुसार, 1 जून से 10 जुलाई के बीच अन्नपूर्णा योजना के लिए 1 करोड़ 66 लाख आवेदन मिले थे। इनमें से 1 करोड़ 45 लाख आवेदनों को मंजूरी दी गई है। उन्होंने कहा कि सोमवार से लाभार्थियों के खातों में योजना की राशि पहुंचनी शुरू हो गई है।
14 लाख नए आवेदनों का सत्यापन
10 जुलाई के बाद करीब 14 लाख महिलाओं ने योजना के लिए आवेदन किया है। इन आवेदनों का सत्यापन फिलहाल जारी है और इसमें करीब एक महीने का समय लगेगा। मुख्यमंत्री ने दावा किया कि अब तक करीब डेढ़ करोड़ महिलाओं को अन्नपूर्णा योजना में शामिल किया जा चुका है।
सरकार की प्राथमिकता में अन्नपूर्णा योजना
सुवेंदु अधिकारी ने अन्नपूर्णा योजना को सरकार की प्रतिबद्धता बताया। नई अन्नपूर्णा वाहिनी के जरिए योजना का लाभ सही लोगों तक पहुंचाने, महिला सुरक्षा से जुड़े मामलों को उठाने और स्थानीय स्तर की समस्याओं की जानकारी सरकार तक पहुंचाने पर जोर दिया जा रहा है।