बैरकपुर में आयोजित एक विशाल जनसभा में मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने राज्य सरकारी कर्मचारियों के महंगाई भत्ते (DA West Bengal) को लेकर बड़ा राजनीतिक बयान दिया। लोकसभा चुनाव 2026 के माहौल के बीच उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य सरकार द्वारा घोषित 4% DA की फाइल को चुनाव आयोग (Election Commission) ने रोक रखा है।
मुख्यमंत्री ने साफ कहा कि यह घोषणा बजट में पहले ही की जा चुकी थी, इसलिए इसमें किसी तरह की बाधा नहीं होनी चाहिए।
“4% DA अप्रैल सैलरी के साथ मिलेगा” — ममता का बड़ा ऐलान
मंच से बोलते हुए ममता बनर्जी ने कर्मचारियों को भरोसा दिलाया कि सरकार अपने वादे पर कायम है। उन्होंने कहा - “हमने बजट में 4% DA देने की घोषणा की थी।चुनाव आयोग ने फाइल रोक दी है। लेकिन हम अपने कर्मचारियों को उनका हक जरूर देंगे। अप्रैल महीने के वेतन के साथ यह बढ़ा हुआ DA मिलेगा।”
इसके साथ ही उन्होंने दावा किया कि राज्य सरकार पहले ही 25% DA दे चुकी है।
चुनाव आयोग पर सीधा हमला
ममता बनर्जी ने चुनाव आयोग की भूमिका पर सवाल उठाते हुए कहा कि बजट में घोषित फैसले को रोकना उचित नहीं है। उनके अनुसार - “यह फैसला चुनावी घोषणा से पहले का है, इसलिए इसे रोकना सही नहीं है। कर्मचारियों के हित में इसे तुरंत जारी किया जाना चाहिए।”
कर्मचारी संगठनों की एंट्री, आयोग से मुलाकात
इधर, “वोटकर्मी और BLO ऐक्य मंच” ने भी इस मुद्दे पर सक्रिय भूमिका निभाई है। संगठन ने CEO मनोज अग्रवाल से मुलाकात कर DA आदेश जारी न होने पर चिंता जताई।
संगठन का कहना है कि 5 फरवरी 2026 के बजट में 4% DA बढ़ोतरी की घोषणा के बावजूद अब तक आधिकारिक आदेश जारी नहीं हुआ है।
विवाद के बीच नई राजनीतिक बहस
कर्मचारी संगठनों ने आरोप लगाया है कि चुनावी प्रक्रिया के दौरान आयोग की भूमिका को लेकर अनावश्यक जटिलता पैदा की जा रही है, जबकि सरकार इस मुद्दे को राजनीतिक रंग दे रही है।
सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बाद DA बकाया भुगतान शुरू
दूसरी ओर, सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद राज्य सरकार 2016 से 2018 तक के बकाया DA भुगतान की प्रक्रिया भी शुरू कर चुकी है। शिक्षा विभाग और अन्य सरकारी संस्थानों में भुगतान तेजी से किया जा रहा है।
केंद्र में भी बढ़ा DA और वेतन आयोग की मांग
देशभर में केंद्रीय कर्मचारियों की ओर से भी महंगाई भत्ते और 8वें वेतन आयोग (8th Pay Commission) के गठन की मांग तेज हो गई है।