कोलकाता: कोलकाता नगर निगम (KMC) चुनाव की तारीख अभी आधिकारिक तौर पर घोषित नहीं हुई है, लेकिन भारतीय जनता पार्टी ने चुनावी तैयारी तेज कर दी है। मंगलवार को भाजपा ने केंद्रीय राज्य मंत्री और पूर्व प्रदेश अध्यक्ष सुकांत मजूमदार को कोलकाता नगर निगम चुनाव की जिम्मेदारी सौंपी। उनके साथ राज्य भाजपा उपाध्यक्ष अनिंद्य बनर्जी (राजू) को सह-प्रभारी बनाया गया है। मानिकतला के विधायक तापस रॉय को संयोजक और काशीपुर-बेलगछिया के विधायक रितेश तिवारी को सह-संयोजक की जिम्मेदारी दी गई है।
नवंबर-दिसंबर में चुनाव की चर्चा, तारीख पर अभी आधिकारिक घोषणा नहीं
KMC चुनाव को लेकर फिलहाल कोई आधिकारिक मतदान कार्यक्रम जारी नहीं हुआ है। हालांकि, राज्य की राजनीतिक गतिविधियों और भाजपा की तैयारियों से साफ है कि पार्टी साल के अंत में संभावित नगर निकाय चुनाव को ध्यान में रखकर संगठन को सक्रिय कर रही है। भाजपा की ओर से कोलकाता के साथ हावड़ा नगर निगम चुनाव के लिए भी अलग चुनाव प्रबंधन टीम बनाई गई है। सुकांत मजूमदार को कोलकाता की जिम्मेदारी दिए जाने के बाद भाजपा ने बूथ स्तर तक संगठन मजबूत करने, उम्मीदवारों के चयन और चुनावी अभियान की रूपरेखा तैयार करने पर जोर देना शुरू कर दिया है।
सुकांत का बड़ा दावा- 170 से 180 सीटों पर जीत का लक्ष्य
जिम्मेदारी मिलने के बाद सुकांत मजूमदार ने कोलकाता नगर निगम चुनाव में भाजपा की संभावनाओं को लेकर बड़ा दावा किया। उन्होंने कहा कि पिछले विधानसभा चुनाव के आंकड़ों के आधार पर भाजपा कोलकाता के मौजूदा वार्डों में बड़ी बढ़त की स्थिति में है और पार्टी आगामी चुनाव में 170 से 180 सीटें जीतने का लक्ष्य लेकर चल रही है।हालांकि, सीटों का यह आंकड़ा भाजपा के चुनावी आकलन और लक्ष्य के तौर पर सामने आया है। इसे चुनाव परिणाम का पूर्वानुमान नहीं माना जा सकता।
उम्मीदवार चयन के लिए बनेगा SOP, पुराने कार्यकर्ताओं को प्राथमिकता
सुकांत मजूमदार ने उम्मीदवार चयन की प्रक्रिया को लेकर भी पार्टी की रणनीति स्पष्ट की। उनके मुताबिक, भाजपा एक SOP यानी मानक प्रक्रिया तैयार करेगी और उसी के आधार पर उम्मीदवारों का चयन किया जाएगा।पार्टी ऐसे उम्मीदवारों को प्राथमिकता देने की बात कह रही है जिनकी सार्वजनिक छवि साफ हो। इसके साथ ही लंबे समय से भाजपा के साथ जुड़े कार्यकर्ताओं को भी महत्व देने की बात कही गई है। अंतिम उम्मीदवारों पर फैसला प्रदेश भाजपा अध्यक्ष शमिक भट्टाचार्य की ओर से किया जाएगा।सुकांत ने पार्टी के नेताओं और कार्यकर्ताओं को चुनाव से पहले अति-उत्साह से बचने की सलाह भी दी और संकेत दिया कि केवल पार्टी में सक्रिय होने के आधार पर किसी को टिकट मिलना तय नहीं है।
हावड़ा में राहुल सिन्हा को जिम्मेदारी
कोलकाता के साथ हावड़ा नगर निगम चुनाव के लिए भी भाजपा ने चुनाव प्रबंधन टीम घोषित की है। पूर्व प्रदेश भाजपा अध्यक्ष और राज्यसभा सांसद राहुल सिन्हा को हावड़ा चुनाव का प्रभारी बनाया गया है, जबकि बाली के विधायक संजय कुमार सिंह को संयोजक की जिम्मेदारी दी गई है। भाजपा की ओर से जारी संगठनात्मक व्यवस्था में फिलहाल हावड़ा के लिए सह-प्रभारी या सह-संयोजक का नाम घोषित नहीं किया गया है।
KMC के वार्ड बढ़ाने का प्रस्ताव भी चर्चा में
नगर निकाय चुनाव से पहले पश्चिम बंगाल विधानसभा ने कोलकाता और हावड़ा नगर निगम से जुड़े कानूनों में संशोधन के लिए दो विधेयक पारित किए हैं। उपलब्ध रिपोर्टों के मुताबिक, प्रस्ताव में कोलकाता के वार्डों की संख्या 144 से बढ़ाकर 209 और हावड़ा के वार्डों की संख्या 50 से बढ़ाकर 68 करने का प्रावधान है।ऐसे में आने वाले नगर निकाय चुनाव का परिसीमन और अंतिम वार्ड संरचना चुनावी तैयारियों का अहम हिस्सा होगी।
भाजपा के लिए क्यों अहम है KMC चुनाव?
कोलकाता नगर निगम चुनाव भाजपा के लिए पश्चिम बंगाल में शहरी राजनीतिक पकड़ मजबूत करने की बड़ी परीक्षा माना जा रहा है। यही वजह है कि पार्टी ने चुनाव प्रबंधन की जिम्मेदारी सुकांत मजूमदार जैसे वरिष्ठ नेता को दी है।भाजपा की ओर से कोलकाता और हावड़ा के लिए अलग-अलग चुनावी टीमें बनाने के साथ ही संगठन, उम्मीदवार चयन और प्रचार रणनीति पर काम शुरू कर दिया गया है। अब निगाहें चुनाव आयोग की ओर से आधिकारिक कार्यक्रम की घोषणा और वार्डों के अंतिम स्वरूप पर रहेंगी।