कोलकाता: पश्चिम बंगाल प्रदेश छात्र परिषद का 73वां स्थापना दिवस शुक्रवार, 28 अगस्त 2026 को कोलकाता के ऐतिहासिक महाजाति सदन में आयोजित किया गया। कार्यक्रम में छात्र लोकतंत्र की बहाली, रोजगार और भर्ती प्रक्रियाओं में पारदर्शिता जैसे मुद्दे प्रमुख रहे। समारोह में कांग्रेस नेताओं और छात्र प्रतिनिधियों ने राज्य के कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में लंबे समय से लंबित छात्र संघ चुनाव कराने की मांग उठाई। इसके साथ ही युवाओं के लिए निष्पक्ष और पारदर्शी नियुक्ति प्रक्रिया सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया गया।
छात्र संघ चुनाव जल्द कराने की मांग
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए पूर्व राज्यसभा सांसद और वरिष्ठ कांग्रेस नेता प्रदीप भट्टाचार्य ने शैक्षणिक संस्थानों में छात्र संघ चुनाव नहीं होने पर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि कॉलेज और विश्वविद्यालय लोकतांत्रिक गतिविधियों के महत्वपूर्ण केंद्र हैं और वहां छात्रों को अपने प्रतिनिधि चुनने का अधिकार मिलना चाहिए। उन्होंने राज्य में छात्र संघ चुनाव जल्द बहाल करने की मांग की।
SSC-TET भर्ती में पारदर्शिता का मुद्दा
समारोह में शिक्षक भर्ती से जुड़े SSC और TET जैसे मुद्दे भी प्रमुखता से उठाए गए। वक्ताओं ने भर्ती प्रक्रियाओं में देरी और कथित अनियमितताओं पर सवाल उठाते हुए योग्य अभ्यर्थियों को जल्द नियुक्ति देने की मांग की। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि लंबे समय तक नियुक्ति प्रक्रिया अटके रहने से शिक्षित युवाओं में निराशा बढ़ रही है। उन्होंने भर्ती व्यवस्था को पारदर्शी बनाने और योग्य उम्मीदवारों को समय पर रोजगार उपलब्ध कराने पर जोर दिया।
TMC और बीजेपी पर निशाना
कार्यक्रम में राज्य की सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस (TMC) और केंद्र की बीजेपी सरकार पर भी राजनीतिक हमला बोला गया। कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि छात्रों और युवाओं से जुड़े रोजगार तथा शिक्षा के मुद्दों को पर्याप्त प्राथमिकता नहीं दी जा रही है। बढ़ती बेरोजगारी और शिक्षा के बढ़ते व्यावसायीकरण को लेकर भी वक्ताओं ने चिंता जताई। उन्होंने कहा कि छात्र हितों से जुड़े मुद्दों को लेकर कांग्रेस की छात्र इकाई आने वाले दिनों में अपना आंदोलन तेज करेगी।
संगठन को जमीनी स्तर पर मजबूत करने की तैयारी
स्थापना दिवस समारोह में प्रदेश कांग्रेस नेतृत्व ने राज्यभर से पहुंचे छात्र प्रतिनिधियों से संगठन को जिला स्तर तक मजबूत करने की अपील की। प्रतिनिधियों से कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में हिंसा-मुक्त तथा लोकतांत्रिक माहौल के लिए सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया गया। नेताओं ने छात्र परिषद के संगठनात्मक विस्तार और युवाओं के बीच अपनी राजनीतिक पहुंच बढ़ाने पर भी जोर दिया।
ध्वजारोहण और पुष्पांजलि के साथ हुई शुरुआत
कार्यक्रम की शुरुआत ध्वजारोहण और दीप प्रज्वलन के साथ हुई। इसके बाद छात्र आंदोलन से जुड़े प्रमुख नेताओं को श्रद्धांजलि अर्पित की गई। वरिष्ठ कांग्रेस नेताओं, छात्र प्रतिनिधियों और युवा कार्यकर्ताओं ने क्रमवार अपने विचार रखे। समारोह के अंत में छात्र परिषद के प्रतिनिधियों ने छात्र लोकतंत्र, रोजगार और शिक्षा से जुड़े मुद्दों को लेकर आने वाले दिनों में राज्यव्यापी अभियान चलाने का संकल्प लिया।