कोलकाता: पश्चिम बंगाल विधानसभा में कथित फर्जी हस्ताक्षर मामले की जांच तेज हो गई है। इसी सिलसिले में शनिवार को तृणमूल कांग्रेस नेता कुणाल घोष और सांसद अभिषेक बनर्जी से सीआईडी ने लंबी पूछताछ की। करीब साढ़े तीन घंटे तक चली मैराथन पूछताछ के बाद कुणाल घोष भवानी भवन से बाहर निकले, जबकि अभिषेक बनर्जी देर शाम तक सीआईडी कार्यालय में मौजूद रहे।
आमने-सामने बैठाकर हुई पूछताछ
सीआईडी मुख्यालय से बाहर निकलने के बाद कुणाल घोष ने बताया कि जांच अधिकारियों ने उन्हें और अभिषेक बनर्जी को आमने-सामने बैठाकर पूछताछ की। उन्होंने कहा कि उन्होंने शुरू से ही जांच में सहयोग किया है और इस बार भी सभी सवालों के जवाब दिए हैं।
हस्ताक्षर को लेकर दिया स्पष्ट जवाब
कुणाल घोष ने बताया कि विधानसभा में किए गए हस्ताक्षर उनके अपने हैं और उन्होंने स्वयं हस्ताक्षर किए थे। उन्होंने कहा कि विपक्ष के नेता के चयन से जुड़े मामले में उन्होंने पार्टी के निर्देशों का पालन किया था। साथ ही उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि रिजोल्यूशन बुक के बारे में उन्हें कोई जानकारी नहीं है।
अनुपस्थित विधायकों पर अनभिज्ञता जताई
पूछताछ के दौरान किन-किन विधायकों की अनुपस्थिति थी, इस संबंध में जानकारी होने से कुणाल घोष ने इनकार किया। उनका कहना था कि वह केवल अपने हस्ताक्षर के बारे में जानकारी दे सकते हैं और बाकी मामलों की उन्हें जानकारी नहीं है।
कालीघाट पहुंचकर आगे की प्रतिक्रिया देंगे
सीआईडी कार्यालय से निकलते समय कुणाल घोष ने कहा कि वह कालीघाट स्थित मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के आवास पर जाएंगे और वहां पहुंचने के बाद आगे की प्रतिक्रिया देंगे।
जांच एजेंसी ने बढ़ाई सख्ती
विधानसभा मे कथित फर्जी हस्ताक्षर प्रकरण को लेकर सीआईडी ने जांच का दायरा बढ़ा दिया है। मामले में विभिन्न नेताओं और विधायकों से पूछताछ की जा रही है। जांच एजेंसी यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि कथित तौर पर हुए हस्ताक्षरों और दस्तावेजों में किसी प्रकार की अनियमितता हुई थी या नहीं। मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच आगे और तेज होने की संभावना है।