कोलकाता: पश्चिम बंगाल के फिल्म और टेलीविजन उद्योग (টলিউড) को अधिक पेशेवर, पारदर्शी और आर्थिक रूप से मजबूत बनाने के लिए मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने विधायकों और उद्योग के प्रतिनिधियों के साथ एक विस्तृत समीक्षा बैठक की। इस बैठक में फेडरेशन (Federation) और गिल्ड्स (Guilds) के कामकाज को लेकर कई महत्वपूर्ण फैसले लिए गए। बैठक में स्पष्ट किया गया कि यदि फेडरेशन को पेशेवर और पारदर्शी तरीके से नहीं चलाया गया, तो मनोरंजन जगत को भारी वित्तीय नुकसान उठाना पड़ेगा, जिसका सीधा असर इस क्षेत्र में रोजगार पर पड़ेगा।
विभाग की 40 समितियों की होगी समीक्षा, 15 दिनों में मांगी रिपोर्ट
बैठक के दौरान सूचना एवं संस्कृति विभाग के प्रशासनिक नियंत्रण में काम करने वाली विभिन्न समितियों और निकायों पर गहन चर्चा हुई। वर्तमान में इस विभाग के तहत लगभग 40 संस्थाएं या समितियां काम कर रही हैं, जिनमें से कई समितियां एक ही तरह का काम कर रही हैं।
इस संबंध में निम्नलिखित महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए: विलय और समीक्षा: फिल्म और संस्कृति क्षेत्र के उपस्थित सदस्य इन सभी समितियों के कामकाज की समीक्षा करेंगे। कौन सी समितियां चालू रखी जाएं और किनका आपस में विलय (Merge) किया जाए, इसकी सिफारिश सदस्य 15 दिनों के भीतर सूचना एवं संस्कृति विभाग के प्रधान सचिव को सौंपेंगे।
पदों के लिए नाम: सदस्य विभिन्न समितियों के प्रमुख पदों (जैसे— अध्यक्ष, उपाध्यक्ष, चेयरमैन, सचिव आदि) के लिए विभाग के विचारार्थ 2 से 3 नामों का प्रस्ताव दे सकेंगे।
हॉल आवंटन में बदलाव: सरकारी ऑडिटोरियम और हॉल को विभिन्न आवेदकों के बीच आवंटित करने की वर्तमान प्रक्रिया की भी समीक्षा की जाएगी ताकि पारदर्शिता लाई जा सके।
फेडरेशन का कार्यकाल समाप्त, बनेगी नई सलाहकार समिति
सरकारी नियमों के अनुसार बदलाव होने तक फेडरेशन और गिल्ड का वर्तमान ढांचा तो बना रहेगा, लेकिन चूंकि फेडरेशन की कार्यकारी समिति (Executive Committee) का कार्यकाल समाप्त हो चुका है और नई समिति का गठन अभी बाकी है, इसलिए सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है। फिल्म और टेलीविजन उद्योग के सुचारू संचालन के लिए सरकार एक उच्च स्तरीय **परामर्शदाता समिति (Advisory Committee) का गठन करने का विचार कर रही है।
समिति में शामिल होंगे ये दिग्गज: इस प्रस्तावित सलाहकार समिति में बंगाली सिनेमा और राजनीति से जुड़े कई बड़े चेहरों को शामिल किया गया है। इनमें **रूपा गांगुली, पापिया अधिकारी, रुद्रनील घोष, हिरण्मय चट्टोपाध्याय (हिरण), प्रसेनजीत चट्टोपाध्याय, दीपक अधिकारी (देव), जीशू सेनगुप्ता, महेंद्र सोनी और सानी घोष रॉय जैसे नाम शामिल हैं।
मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी की इस पहल से टॉलीवुड में वर्षों से चले आ रहे सिंडिकेट राज और पारदर्शिता की कमी की शिकायतों पर लगाम लगने की उम्मीद है, जिससे बंगाल के मनोरंजन उद्योग को एक नई दिशा मिलेगी।