कोलकाता/बिधाननगर: पश्चिम बंगाल में चुनावी नतीजों की घोषणा के बाद से ही लापता चल रहे तृणमूल कांग्रेस (TMC) के कद्दावर नेता और पूर्व पार्षद देबराज चक्रवर्ती की मुश्किलें अब लगातार बढ़ती जा रही हैं। बुधवार को पुरुलिया से हुई उनकी नाटकीय गिरफ्तारी के बाद इस पूरे मामले में हर घंटे बड़े खुलासे हो रहे हैं। एक तरफ जहां दिल्ली से मिले निर्देशों के बाद प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने देबराज के खिलाफ ECIR (प्रवर्तन मामला सूचना रिपोर्ट) दर्ज कर अपनी जांच तेज कर दी है, वहीं दूसरी तरफ शुक्रवार सुबह राज्य पुलिस की ओर से भी एक बड़ा अपडेट सामने आया है।
रंगदारी मामले में 6 सदस्यीय SIT का गठन
सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, देबराज चक्रवर्ती के खिलाफ दर्ज रंगदारी (तोलाबाजी) के मामले की गहराई से जांच के लिए बिधाननगर पुलिस कमिश्नरेट की ओर से एक विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया गया है। इस 6 सदस्यीय हाई-प्रोफाइल टीम का नेतृत्व एक डिप्टी कमिश्नर (DC) और थाना प्रभारी (IC) कर रहे हैं, जिनके साथ विभाग के 4 अन्य बेहद कुशल और अनुभवी अधिकारियों को शामिल किया गया है। यह टीम देबराज के पूरे आपराधिक और वित्तीय नेटवर्क को खंगालेगी।
पत्नी और गायिका अदिति मुंशी से लंबी पूछताछ
देबराज की गिरफ्तारी के बाद जांच का आंच उनके परिवार तक भी पहुंच चुका है। गुरुवार को पुलिस ने देबराज चक्रवर्ती की पत्नी, टीएमसी नेता और जानी-मानी गायिका अदिति मुंशी को पूछताछ के लिए तलब किया था। जांच अधिकारियों ने अदिति मुंशी से कई घंटों तक आमने-सामने बिठाकर पूछताछ की, जिसमें देबराज के ठिकाने, उनकी बेनामी संपत्तियों और हालिया वित्तीय लेन-देन को लेकर कड़े सवाल पूछे गए।
लैपटॉप खुलते ही उड़ गए होश: 'DC Global' कंपनी का खुला राज
इस पूरे मामले में पुलिस के हाथ सबसे बड़ा हथियार देबराज चक्रवर्ती का लैपटॉप लगा है। पुलिस ने जब उनके जब्त लैपटॉप को अनलॉक किया, तो उसमें से डेटा का एक ऐसा समंदर निकला जिसने जांच अधिकारियों के भी होश उड़ा दिए हैं।
लैपटॉप से मिले सनसनीखेज इनपुट्स
पैसों की हेराफेरी: लैपटॉप से भारी मात्रा में अवैध वित्तीय लेन-देन के डिजिटल सबूत मिले हैं।
डीसी ग्लोबल कनेक्शन: सूत्रों के अनुसार, 'डीसी ग्लोबल' (DC Global) नामक एक संदिग्ध संस्था या कंपनी के जरिए करोड़ों रुपये की राशि को साइफन (खुर्द-बुर्द/इधर-उधर) करने की पुख्ता जानकारी मिली है।
बेनामी संपत्तियां: इस कंपनी के नाम और कई अन्य बेनामी नामों का इस्तेमाल कर बड़े पैमाने पर जमीनें खरीदी गईं और संपत्तियों का ट्रांसफर किया गया।
पूछताछ और डिजिटल फॉरेंसिक जांच के दौरान जांच अधिकारियों को कई अन्य संदिग्ध कंपनियों के साथ हुए संदिग्ध वित्तीय लेन-देन के दस्तावेज भी हाथ लगे हैं।
अभिषेक बनर्जी के बेहद करीबी माने जाने वाले पूर्व पार्षद और मेयर परिषद के सदस्य देबराज चक्रवर्ती पर अब दोतरफा कानूनी शिकंजा कस चुका है। एक तरफ बिधाननगर पुलिस की नवगठित एसआईटी उनके खिलाफ रंगदारी मामले की कड़ियां जोड़ रही है, वहीं दूसरी तरफ ईडी उनके इस पूरे साम्राज्य के पीछे छिपे मनी लॉन्ड्रिंग के खेल को उजागर करने में जुट गई है। आने वाले दिनों में तृणमूल कांग्रेस के इस नेता की मुश्किलें और ज्यादा बढ़ना तय माना जा रहा है।